उधमपुर में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कार्य करीब एक महीने से बंद है। नगर परिषद की इमारत को गिराने के बाद काम आगे नहीं बढ़ पाया है। गिराई गई इमारत का मलबा हटने के बाद ही काम शुरू हो सकेगा। मलबे को हटाने के लिए टेंडर जारी होना है। मलबा कब हटेगा किसी को पता नहीं है।
नगर परिषद व पीडब्ल्यूडी ने मिलकर इसका टेंडर निकालना है। शहर के अंदर 32 करोड़ की लागत से दो मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कार्य किया जाना है और शहरवासियों को दोनों पार्किंग बन कर तैयार होने का बेसब्री से इंतजार है। नवंबर में इसका टेंडर जारी कर दिया गया था, लेकिन इसके निर्माण कार्य में लगातार रुकावटें पैदा होती जा रही हैं।
पहली मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कार्य नगर परिषद कार्यालय की पुरानी इमारत को गिराकर किया जाना है। फरवरी में इसकी इमारत को गिराने का कार्य शुरू किया गया और मार्च में इमारत को गिराने के बाद आगे का काम बंद हो गया है। काम बंद होने का मुख्य कारण गिराई गई इमारत के मलबे को नहीं उठाना है।
जब तक मलबा उठेगा नहीं तब तक आगे का काम शुरू नहीं हो सकेगा और एक महीने से नगर परिषद इसका मलबा उठाने के लिए टेंडर जारी नहीं कर पा रहा है। मार्च महीने में मलबा नहीं उठाए जाने के कारण स्टेट कैपेक्स बजट के तहत मंजूर की गई राशि भी लैप्स हो गई।
हालांकि नगर परिषद और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि यह राशि लैप्स नहीं होती है। इसको सरकार दोबारा से जारी कर देती है। वहीं इसका निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाने का सबसे बड़ा कारण गिराई गई इमारत का मलबा नहीं हट पाना है।
नगर परिषद को गिराई गई इमारत का एस्टीमेट बना कर दे दिया है और अब मलबा उठाने के लिए टेंडर जारी करने की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। नगर परिषद जब मलबा हटा देगी तो ठेकेदार आगे का काम शुरू कर देगा। -मोहम्मद जब्बार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी उधमपुर
मलबा हटाने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। कार्यालय के मलबे को उठाने और बेचने के लिए ई-ऑक्शन होनी है और इसकी प्रक्रिया चल रही है। टेंडर जारी होने के सप्ताह के अंदर सारा मलबा हटा दिया जाएगा। -सुरेंद्र सिंह खालसा, नगर परिषद कार्यकारिणी प्रधान।