मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन होने से आरएस पुरा विधानसभा के लोग भी मायूस हैं। मुफ्ती का आरएस पुरा से खास लगाव था। सियासत में पैर जमाने का पहला मौका मुफ्ती को यहां के लोगों ने ही दिया।
जब उन्हें पहली बार इस क्षेत्र से विधानसभा चुनाव में जीत मिली। अपने गृह हल्के में लगातार हार मिलने के बाद जब आरएस पुरा से चुनाव लड़ा तो लोगों ने उन्हें खुल कर प्यार दिया और बड़े अंतर से जीत दिलाई। इसके बाद मुफ्ती ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और फिर अपने गृह हल्के से भी जीते।
वर्ष 1983 में मुफ्ती ने अपने गृह हल्का आनंतनाग से चुनाव लड़ा और हार गए। इसी चुनाव में आरएस पुरा से कांग्रेस के जनक राज गुप्ता को जीत हासिल हुई।
लेकिन एक साल के बाद जनक राज को सांसद बना दिया गया तो यह सीट खाली हो गई। तब मुफ्ती कांग्रेस पार्टी में थे। पार्टी ने उन्हें 1985 में आरएस पुरा सीट से उपचुनाव में मैदान में उतारा।
उन्होंने 19615 वोट लेकर नेशनल कांफ्रेंस के आर एस चिब (13701) को हरा दिया। हालांकि अगले वर्ष 1987 में मुफ्ती ने अपने क्षेत्र आनंतनाग में जीत दर्ज की। पीडीपी पार्टी बनाने के बाद भी मुफ्ती ने कई बार आरएस पुरा का दौरा किया।