जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में कड़ी सुरक्षा के बीच नागरिक सचिवालय छह महीने बाद दोबारा खुल गया। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने सचिवालय में अपना पदभार संभाला। इस दौरान मुख्यमंत्री को जम्मू कश्मीर पुलिस के दस्ते द्वारा गॉर्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
सचिवालय परिसर में मौजूद मंत्री, राज्य के चीफ सेक्रेटरी व अन्य अधिकारियों समेत सचिवालय के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। नॉन-गजेटेड इंप्लाइज यूनियन ने फूलों का गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया। इसके बाद सचिवालय में मुख्यमंत्री ने मीडिया कर्मियों से कहा कि मौजूदा गठबंधन सरकार को अभी केवल दो महीने ही हुए हैं लेकिन लोगों को ऐसा लगता है कि इसे कई वर्ष हो गए हैं।
मुफ्ती ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के साथ-साथ सड़कों आदि का पुनर्निर्माण करना है। राज्य में जो व्यवस्था है उसे ठीक किया जाना है। जिसमें समय लगेगा। उन्होंने कहा कि यह कार्य रातों रात नहीं हो सकते। उन्होंने लोगों से थोड़ा धैर्य रखने की अपील की। हुर्रियत नेता मसर्रत आलम की गिरफ्तारी के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि उन पर केंद्र का कोई भी दबाव नहीं था।