लघु उद्योगों को सुरक्षा की जरूरत : महाजन
बीबीआईए के अध्यक्ष ललित महाजन ने बताया कि लघु उद्योगों को सुरक्षा की जरूरत है। उद्योग नीति लागू होने के बाद एमएसएमई सेक्टर में तीन से चार लाख लोगों को रोजगार मिला है लेकिन उद्योगों की अपनी हालत ठीक नहीं है।
नए उद्योग लगाने पर सरकार ने 2021-22 में प्रोत्साहन राशि 207 करोड़ रुपये तय की थी। यह प्रोत्साहन राशि टोल के एवज में दी गई। इसमें 160 करोड़ रुपये जम्मू संभाग के लिए जबकि 47 करोड़ रुपये श्रीनगर संभाग के लिए थे। इसमें से केवल 14 प्रतिशत ही क्लेम अभी तक उद्योगपतियों को मिला है।
सरकार ने भागथली, लंगेट घाटी और कठुआ के दूसरे इलाकों को नए उद्योग लगाने के लिए चयनित किया गया। इन उद्योगों में न तो बिजली का उचित प्रबंध हो पाया और न ही सड़कों का विकास हो पाया।
सरकार की एजेंसी करेउद्योगपतियों का सहयोग : जैन
फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्री के चेयरमैन वीरेंद्र जैन ने बताया कि लघु और स्थानीय उद्योग रोजगार के बड़े अवसर दे रहे हैं। सरकार की एजेंसी को अब इन उद्योगों का सहयोग करना चाहिए। उद्योगपतियों की एसजीएसटी बीती चार तिमाही से बंद है।
ऐसे में उद्योगों को कैसे चलाएंगे। उद्योगपतियों को पहले सरकार का समर्थन मिलता था। 2017 में जीएसटी आने और अन्य व्यवस्थाओं में बदलाव के बाद सरकार ने अपना हाथ खींच लिया। कच्चे माल पर टैक्स ज्यादा लगता है।
वैट पर 14 प्रतिशत का लाभ मिलता था जबकि एसजीएसटी में यह 1.5 से दो प्रतिशत पर फंस गया है। उन्होंने कहा, ज्यादातर उद्योगपतियों के बच्चे अब पुश्तैनी काम को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। पुराने उद्योगों को सरकार के साथ की आवश्यकता है।
इन्होंने भी रखा पक्ष बीबीआईए के महासचिव विराज महाजन, गंग्याल एसोसिएशन के महासचिव संजय लांगर, अनिल गुप्ता वरिष्ठ उपाध्यक्ष (चैंबर), ऋषि गुप्ता वित्त सचिव बीबीआईए, राजीव गुप्ता उपाध्यक्ष सीसीआई, अभिनव आनंद अध्यक्ष त्रिकुटानगर इंडस्ट्री एसोसिएशन और विक्रांत सीमेंट उद्योग कठुआ भी शामिल रहे।