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Jammu-Srinagar National Highway: दलदल में बदला पहाड़, 200 मीटर नेशनल हाईवे का मिट गया नामोनिशान

Fri, 05 Sep 2025 09:58 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

उधमपुर-रामबन के बीच थर्ड में दो सितंबर को भारी भूस्खलन हुआ था। एनएचएआई यहां मार्ग बहाल करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन दलदल होने की वजह से ये प्रयास अब तक सफल नहीं हो पाए हैं। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को भी यहां पहाड़ से पानी का रिसाव जारी रहा, जिससे हाईवे बनाने में मुश्किल हो रही है। 
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हाईवे पर गिरी पस्सियां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे के बहाल होने में वक्त लग सकता है। जम्मू को श्रीनगर से जोड़ने वाले एनएच-44 का करीब 200 मीटर लंबा हिस्सा दलदल में बदल गया है। यहां जेसीबी उतारते ही मशीन धंस रही है और खुदाई करते ही पानी के साथ कीचड़ का रिसाव शुरू हो जाता है। शुक्रवार को दिन भर मौसम साफ रहने के बावजूद हाईवे पर हालात सामान्य नहीं हो पाए। दो सितंबर से फंसे वाहनों को तीन दिन बाद भी राहत नहीं मिल पाई है। घाटी में रसद सप्लाई न होने से मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

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नेशनल हाईवे के क्षतिग्रस्त हिस्से में मिट्टी और पानी का रिसाव लगातार जारी है। एनएचएआई अब दोबारा फोर-लेन बनाने के लिए विशेषज्ञों और भूवैज्ञानिकों की राय लेगा। बीते दो सितंबर से नेशनल हाईवे प्रभावित है। मार्ग बाधित होने का असर रसद सप्लाई पर पड़ रहा है और जम्मू-श्रीनगर के बीच सप्लाई चेन टूट चुकी है। 

उधमपुर-रामबन के बीच थर्ड में दो सितंबर को भारी भूस्खलन हुआ था। एनएचएआई यहां मार्ग बहाल करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन दलदल होने की वजह से ये प्रयास अब तक सफल नहीं हो पाए हैं। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को भी यहां पहाड़ से पानी का रिसाव जारी रहा, जिससे हाईवे बनाने में मुश्किल हो रही है। भूस्खलन की आशंका के कारण इस हिस्से में रात के वक्त कर्मचारियों और इंजीनियरों की तैनाती नहीं हो पा रही है।
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एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी आरएस यादव ने बताया कि नेशनल हाईवे को बहाल करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन कटे हुए हिस्से में दलदल की स्थिति बनी हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही नेशनल हाईवे बहाल कर लिया जाएगा। दलदल का समाधान निकालने के लिए विशेषज्ञों की राय ली जाएगी। जब तक पानी का रिसाव बंद नहीं होता, यहां खुदाई शुरू करना मुश्किल है।
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