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MSME For Bharat: घरों की रसोई से उद्योगों तक...सबको मिला जीएसटी कटौती का फायदा; अब हर जेब को मिलेगी राहत

Fri, 05 Sep 2025 01:35 PM IST
निकिता गुप्ता गौरव रावत अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में कटौती से जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे छोटे उद्योग, पर्यटन, कृषि और सेवा क्षेत्र को नया बल मिलेगा। रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होने से खपत बढ़ेगी, कारोबार आसान होगा और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
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MSME Rule - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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जीएसटी सुधारों और कर संरचना को घटाकर दो दरों पांच और 18 प्रतिशत तक सीमित करने का जम्मू-कश्मीर के उद्योग और व्यापारिक संगठनों ने खुले मन से स्वागत किया है। उनके चेहरे चमके हैं और कहा कि यह सुधार खासतौर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों यानी एमएसएमई के लिए बड़ी राहत है।

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जम्मू और कश्मीर के छोटे उद्योग लंबे समय से महंगाई कच्चे माल की कमी और ऊंचे कर ढांचे की वजह से दबाव में थे। अब कर दरें घटने और प्रक्रिया आसान होने से उत्पादन बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर बनाने और स्थानीय बाजार को मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है। 

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण परगाल - फोटो : अमर उजाला
सरल कर संरचना से छोटे उद्योगों को मिलेगा बल 
लघु उद्योग भारती ने इस कदम को ऐतिहासिक बताया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण परगाल का कहना है कि नए ढांचे से कार्यशील पूंजी की जरूरत घटेगी। कच्चा माल आसानी से मिलेगा और उद्योग व्यापक बाजार तक पहुंच पाएंगे। उनका मानना है कि इससे न केवल उद्योगपति बल्कि आम उपभोक्ता भी राहत महसूस करेंगे। उनका कहना है कि रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी व्यापार करना आसान होगा और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।

चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू के अध्यक्ष अरुण गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
कृषि, शिक्षा और निर्माण क्षेत्र को मिलेगा खास लाभ 
चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू के अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने कहा कि बदलाव से कारोबार की लागत घटेगी और मांग बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि कृषि से जुड़ी वस्तुओं पर कर कम होना किसानों के लिए राहत है। वहीं, शिक्षा सामग्री पर कर माफ करना बच्चों के भविष्य के लिए बड़ा कदम है। उनका कहना है कि सीमेंट और निर्माण सामग्री पर कर घटने से जम्मू-कश्मीर में मकान और ढांचा निर्माण को बढ़ावा मिलेगा जिससे रोजगार भी बढ़ेगा। वाहन और घरेलू उपकरणों पर कर घटने से उपभोक्ता को सीधा फायदा होगा और बाजार में रौनक लौटेगी। 

राष्ट्रीय व्यापार कल्याण बोर्ड से जुड़े डॉ संजय बंसल - फोटो : अमर उजाला
पारदर्शिता और विश्वास का माहौल बनेगा 
राष्ट्रीय व्यापार कल्याण बोर्ड से जुड़े डॉ संजय बंसल ने कहा कि कर ढांचा सरल होने से कारोबारियों का बोझ घटेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्र में जहां छोटे उद्योग सीमित साधनों के साथ संघर्ष कर रहे हैं, यह सुधार उन्हें प्रतिस्पर्धा में ताकत देगा। उनका कहना है कि उपभोक्ता की क्रय शक्ति बढ़ने से स्थानीय खपत और उत्पादन दोनों को बल मिलेगा। डॉ बंसल का मानना है कि इससे जम्मू कश्मीर के युवाओं और उद्यमियों को नए मौके मिलेंगे और उद्योग जगत में विश्वास का माहौल बनेगा। 

गंग्याल एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष वीरेंद्र जैन - फोटो : अमर उजाला
कुछ विसंगतियां को दूर करने की भी जरूरत
गंग्याल एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष वीरेंद्र जैन ने सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि इससे जम्मू-कश्मीर के उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी। हालांकि उन्होंने कुछ असमानताओं की ओर ध्यान भी दिलाया। उनका कहना है कि स्क्रैप और कुछ कच्चे माल पर 18 प्रतिशत कर और तैयार माल पर 5 प्रतिशत कर की दर छोटे उद्योगों के लिए कठिनाई पैदा कर रही है।

उदाहरण के लिए बर्तन और क्रिकेट बैट जैसे सामान पर कर तो कम है, लेकिन उनके कच्चे माल पर ऊंचा कर लगाया गया है। इससे जम्मू-कश्मीर के उद्योग अन्य राज्यों की तुलना में पिछड़ जाते हैं।उन्होंने मांग की कि इन विसंगतियों को दूर किया जाए ताकि यहां का उद्योग टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बन सके।

इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) जम्मू के चेयरमैन राहुल सहाय - फोटो : अमर उजाला
राजस्व घाटा संभव लेकिन बढ़ेगी खपत और कारोबार
इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) जम्मू के चेयरमैन राहुल सहाय ने कहा कि जीएसटी सुधार समय पर लिया गया और बेहद सकारात्मक कदम है। रोजमर्रा की वस्तुएं, दवाइयां, टीवी, गाड़ियां और त्योहारों से जुड़े सामान सस्ते होने से आम उपभोक्ता को सीधे तौर पर राहत मिलेगी। खासकर दीपावली जैसे त्योहार से पहले यह निर्णय लोगों के लिए सुखद है।

हालांकि, उन्होंने जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर चिंता भी जताई। सहाय ने कहा कि प्रदेश को इन सुधारों से हर साल लगभग 1,000 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा हो सकता है। फिर भी उन्होंने भरोसा जताया कि खपत और कारोबार बढ़ने से इस घाटे की भरपाई संभव है।

जीएसटी सुधारों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद
केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में कटौती और नई दर संरचना लागू करने का असर जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर गहराई से देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोग बढ़ने से न केवल छोटे और मझोले उद्योग (एमएसएमई) को लाभ होगा बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर्यटन, कृषि-बागवानी और खुदरा कारोबार पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में यह सुधार आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक सभी के लिए राहत साबित होंगे।
 

केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के प्रोफेसर डॉ. अनुज भाडू - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में बढ़ेगी खपत और रोजगार
केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के प्रोफेसर डॉ. अनुज भाडू का कहना है कि पुराने कर ढांचे में सरकार का ध्यान राजस्व बढ़ाने पर था लेकिन अब खपत पर जोर दिया गया है। जैसे ही उपभोग बढ़ेगा, उत्पादन भी बढ़ेगा और इसके साथ ही मजदूरी व रोजगार के अवसर पैदा होंगे। जब बाजार में नई मांग बनेगी तो स्थानीय स्तर पर नए उपभोक्ता भी तैयार होंगे। इससे जम्मू-कश्मीर जैसे उपभोक्ता प्रधान प्रदेश में अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलेगी और छोटे उद्योगों को नई ताकत मिलेगी।

केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के प्रोफेसर अनिल भारती - फोटो : अमर उजाला
त्योहारों से पहले खुदरा कारोबार को सहारा
केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के प्रोफेसर अनिल भारती का मानना है कि यह फैसला सही समय पर लिया गया है। टैक्स घटने से उपभोग हमेशा बढ़ता है और अब जबकि त्योहार करीब हैं बिक्री में तेजी आएगी। जम्मू-कश्मीर में खपत अधिक और उत्पादन कम है इसलिए यहां के रिटेलर्स और ट्रेडर्स को सीधा फायदा मिलेगा। जब जीवन यापन की लागत कम होगी, तो लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी। इसका असर सेवा क्षेत्र और खासकर पर्यटन उद्योग पर भी पड़ेगा। ज्यादा पर्यटक आएंगे तो प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।

जम्मू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर वीरेंद्र कुंडल - फोटो : अमर उजाला
पर्यटन और बागवानी सेक्टर को मिलेगा बूस्ट
जम्मू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर वीरेंद्र कुंडल का कहना है कि यह अप्रत्यक्ष करों में कटौती के लिहाज से ऐतिहासिक कदम है। सरकार ने कई जरूरी चीजों को शून्य कर लागू किया है और नशे से जुड़ी वस्तुओं को महंगा किया है, जो समाज के लिए भी अच्छा है। जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर्यटन और बागवानी पर आधारित है। जब रोजमर्रा की चीजें सस्ती होंगी तो प्रदेश में आने वाले पर्यटक को भी लाभ होगा। इससे टूरिस्ट इंडस्ट्री को बूस्ट मिलेगा और होटल, ट्रांसपोर्ट तथा छोटे उद्योगों को नई रौनक मिलेगी।

केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रोफेसर श्वेता कोहली - फोटो : अमर उजाला
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में मिलेगी राहत
केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रोफेसर श्वेता कोहली कहती हैं कि इस फैसले से कर व्यवस्था सरल हुई है और कई वस्तुएं कर मुक्त हो गई हैं। जम्मू कश्मीर में इससे उपभोग बढ़ेगा और छोटे कारोबारियों को फायदा होगा। स्वास्थ्य बीमा पर कर खत्म होना बड़ी राहत है।

अब मध्यम वर्गीय परिवार भी बीमा आसानी से ले पाएंगे और इलाज किफायती होगा। इसके साथ ही शिक्षा से जुड़ी चीजें सस्ती होने से बच्चों की पढ़ाई पर होने वाला खर्च भी घटेगा। लेकिन लंबे समय में इन सुधारों का असली फायदा तभी मिलेगा, जब इनका क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता से किया जाए। यह जीएसटी सुधार जम्मू-कश्मीर में न केवल उपभोग और छोटे उद्योगों को सहारा देंगे बल्कि पर्यटन, बागवानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों को भी नई मजबूती देंगे

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा। संवाद
तेजी से बढ़ती अर्थव्यस्था को और मजबूती देगी
जीएसटी में सुधार देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगी। हर वर्ग को लाभ पहुंचेगा। किसानों और एमएसएमई को ये सुधार सशक्त बनाएंगे। निर्माण गतिविधियों को गति देने के साथ ही जीवन व कारोबार की सुगमता में बड़ा सुधार लाएगी। इन सुधारों के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हृदय से आभार। मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल

परिवार के साथ अतुल गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
जीएसटी में कटाैती से घर-गृहस्थी को राहत
केंद्र सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती कर आम लोगों को राहत देने की कोशिश की है। इससे घर-गृहस्थी का बोझ कुछ हल्का होगा। जम्मू शहर के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले परिवारों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च कम होंगे। जरूरी सामान सस्ता पड़ेगा और महीने के अंत में बचत करना आसान हो सकेगा। इसका असर सिर्फ मध्यम वर्ग ही नहीं, बल्कि हर वर्ग के लोग महसूस कर रहे हैं।

महंगाई ने घर का बजट बिगाड़ रखा था। दूध, दही, आटा जैसी जरूरी चीजों पर टैक्स कम होने से अब जेब पर सकारात्मक असर दिखेगा। महीने के अंत तक हिसाब मिलाना मुश्किल हो जाता था। अब उम्मीद है कि बचत भी अच्छी हो सकेगी। आम आदमी के लिए मकान बनाना भी सस्ता हो जाएगा।- अतुल गुप्ता, प्राइवेट कर्मचारी, सरवाल

प्रीति गुप्ता और बेटों के साथ कृष्ण गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
रसोई का खर्च हर दिन सिर पर चढ़ा रहता है। तेल, मसाले और बर्तन जैसे सामान पर जीएसटी कम होगा तो परिवार को बड़ी राहत मिलेगी। बचत होने पर बच्चों की पढ़ाई और दवाइयों का खर्च भी संभल जाएगा। स्वास्थ्य बीमा कर मुक्त हुआ है, यह सबसे बड़ी राहत है।- कृष्ण गुप्ता, शिक्षक, रिहाड़ी
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परिवार के साथ सुषमा देवी - फोटो : अमर उजाला
घर के खर्च को संभालना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। जब रोजमर्रा का सामान थोड़ी कम कीमत पर मिलेगा तो जेब पर बोझ घटेगा। इससे परिवार की जरूरतें समय पर पूरी हो पाएंगी और घर के लिए कुछ नया खरीदने में आसानी होगी। एसी-फ्रिज जैसा सामान भी थोड़ा सस्ता होगा तो कम कीमत में अच्छा सामान खरीद सकेंगे।- सुषमा, गृहिणी, बिक्रम चौक

हम जैसे परिवार हर खर्च सोच-समझकर करते हैं। बच्चों के कपड़े, किताबें और बिजली का महंगा सामान लेना हमेशा भारी पड़ता था। अब कर कम होने से उम्मीद है कि ये सब चीजें किफायती होंगी, जिससे रोजमर्रा का जीवन थोड़ा आसान होगा। बचे पैसे को बेहतरी के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे। - राकेश वर्मा, रिक्शा चालक, बेलीचराना
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