फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

J&K: आतंकग्रस्त इलाकों में सबसे ज्यादा आत्महत्याएं, इतने लोगों ने मौत को लगाया गले

Sun, 14 Jan 2018 07:13 PM IST
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
विज्ञापन
- फोटो : DEMO PHOTO
विज्ञापन

कश्मीर घाटी के आतंकग्रस्त इलाकों में गत दो साल में सबसे ज्यादा आत्महत्याएं हुई हैं। हंदवाड़ा में सबसे अधिक 88, बारामुला और अनंतनाग में 64-64 लोगों ने मौत को गले लगाया। यह और भी चिंताजनक है कि इन इलाकों में 2016 के 2017 में मामलों में इजाफा हुआ है।

विज्ञापन


ईदगाह (श्रीनगर) से नेकां विधायक मुबारक अहमद गुल के सवाल पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने लिखित में यह जानकारी विधानसभा सदन में मुहैया कराई। रियासत में दो साल के भीतर कुल 547 लोगों ने खुदकुशी की है। 2016 में जहां यह संख्या 272 थी, 2017 में बढ़कर 275 हो गई है।

हंदवाड़ा में 2016 में 31 लोगों ने आत्महत्या की थी और 2017 में यह आंकड़ा तकरीबन दोगुना हो गया। 2017 में 57 लोगों ने मौत को गले लगाया।  बारामुला में 2016 में 23 लोगों ने खुदकुशी की थी, जबकि 2017 में ऐसा करने वालों की संख्या 41 तक पर पहुंच गई। अनंतनाग में भी 2016 में 31, जबकि 2017 में 33 लोगों ने आत्महत्या की।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

अकेला कारगिल ऐसा, जहां कोई मामला नहीं

रियासत में अकेला कारगिल ऐसा जिला है, जहां दो साल में खुदकुशी का कोई भी मामला सामने नहीं आया। वहीं पुंछ और किश्तवाड़ जिले भी इस मामले में भाग्यशाली हैं। वहां भी खुदकुशी का महज एक-एक ही मामला दर्ज हुआ।

हर वक्त असुरक्षा का भाव इन इलाकों के लोगों में तनाव बढ़ा रहा है। युवाओं में शिक्षा, रोजगार जैसे मामलों में अनिश्चितता का माहौल भी तनाव का प्रमुख कारण है। वयस्कों में बच्चों व परिवार को लेकर असुरक्षा का भाव पनपता है और असहाय होने की स्थिति में उन्हें मरना ज्यादा आसान लगता है।
-डॉ. आरती बख्शी, विभागाध्यक्ष (मनोविज्ञान), जम्मू विश्वविद्यालय
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें