दाम को लेकर टमाटर दिनोंदिन सुर्ख होता जा रहा है। शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में टमाटर का दाम सबसे ज्यादा रहा। यहां 150 रुपये किलो प्रचून में टमाटर बिका, वहीं जम्मू शहर में टमाटर का भाव 120 रुपए किलो रहा। महंगे टमाटर ने भारतीय रसोई में पकने वाले व्यंजनों का स्वाद और रंग दोनों फीके कर दिए हैं।
हालात यह हैं कि गरीब और निम्न मध्यम वर्ग की रसोई से तो टमाटर गायब ही हो गए हैं। स्थानीय लोगों को कहना है कि टमाटर ही नहीं बीन्स, भिंडी, घिया, शिमला मिर्च, कटहल, बैंगन और अरबी के दाम भी 50 रुपये से ऊपर पहुंच चुके हैं।
स्थानीय निवासी सुधा देवी, आशू शर्मा, राजरानी, अनु गुप्ता व अन्य महिलाओं ने बताया कि अन्य सब्जियों के साथ टमाटर के दाम में हुई भारी बढ़ोतरी ने उन्हें रसोई संभालने में मुश्किल कर दी है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों में टमाटर के दाम अचानक बढ़ गए हैं।
150 रुपये प्रति किलो टमाटर होने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। बीन्स, भिंडी, शिमला मिर्च, कटहल, अरबी आदि सब्जी पहले से ही 50 रुपये किलो तक बिक रहे हैं। इनके बिना जैसे तैसे काम चला रहे थे लेकिन अब टमाटर ने रुला दिया है। इसके बिना तो आलू की सब्जी भी बेस्वाद बन रही है।
पहले 10 से 20 रुपये प्रति किलो तक बिकने वाले टमाटर की कीमतें कई गुणा अधिक हो गई हैं। अब इसे खरीद कर खाना बजट के बाहर है। जहां पहले 100 रुपये में चार सब्जियां खरीद लेते थे, वहीं अब सिर्फ एक किलो टमाटर ही 150 रुपये का मिल रहा है। वहीं टमाटर और अन्य सब्जियों के दाम बढ़ने से सब्जी विक्रेता भी परेशान हैं।