फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगजनी बनी चुनौती: पांच साल में 26 हजार से ज्यादा घटनाएं, चार दमकल कर्मी बलिदान; 486 लोगों ने गंवाई जान

Mon, 14 Apr 2025 12:29 PM IST
निकिता गुप्ता अरुण कुमार, अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर में आगजनी की घटनाएं बीते पांच वर्षों में गंभीर चुनौती बन गई हैं, जिनमें 486 लोगों की जान गई, चार दमकल कर्मी शहीद हुए और विभाग जागरूकता व संसाधनों के जरिए स्थिति से निपटने के प्रयास में जुटा है।
विज्ञापन
फायर फाइटर अभियान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर में आगजनी की बढ़ती घटनाएं चुनौती बनती जा रही है। पांच साल में प्रदेश में आगजनी की 26832 घटनाएं हुईं, जिनमें हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति राख हुई। वहीं, चार दमकल कर्मी बलिदान और 66 घायल हुए हैं। इस संबंध में कश्मीर के आरटीआई एक्टिविस्ट को मिली जानकारी के अनुसार 2018 से 2023 तक प्रदेश में आगजनी की घटनाओं में 486 लोगों ने जान गंवाई और 510 घायल हुए।

विज्ञापन


हर घर चल रहा फॉयर फाइटर अभियान
जम्मू-कश्मीर अग्नि एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने हर घर फॉयर फाइटर अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य हर घर में फायर फाइटर तैयार करना है, ताकि आगजनी की घटनाओं को कम किया जा सके। 2022 में यह कार्यक्रम शुरू किया था। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और अद्योगिक संस्थानों में कार्यक्रम किए हैं। मार्च 2025 में इन संस्थानों में 7551 कार्यक्रम हुए हैं। इसमें 8.23 लोगों को शामिल किया, जिसमें 5.86 विद्यार्थी है। विभाग फायर सेफ्टी आडिट करवाता है।

जम्मू-कश्मीर में आग पर काबू पाते दमकल कर्मी - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में 2020 में 4072 और 2024 में 7749 आगजनी की घटनाएं हुईं। समय पर सूचना न मिलना और घटना स्थल के आसपास ट्रैफिक जाम व अवैध पार्किंग सबसे बड़ी चुनौती होती है। 2020 से 2024 तक आग पर काबू पाते हुए चार दमकल कर्मी बलिदान हुए। 

आगजनी की बढ़ती चुनौती को देखते हुए जम्मू-कश्मीर अग्नि एवं आपातकालीन सेवा विभाग खुद को भी मजबूत कर रहा है। दिसंबर 2024 में विभाग ने बाड़ी ब्राह्मणा में आपातकालीन सेवा प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया है। मार्च में दमकल कर्मियों के पहले बैच ने प्रशिक्षण पूरा किया। केंद्र में अब रिफ्रेशर कोर्स करवाया जाता है, ताकि दमकल कर्मियों को नवीनतम तकनीक और कौशल से जोड़ा जा सके। विभाग एनएफएससी नागपुर के माध्यम से प्रशिक्षण केंद्र विकसित किया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर में आग पर काबू पाते दमकल कर्मी - फोटो : अमर उजाला
कश्मीर संभाग में तीन माह में 41 घटनाएं, एक बच्चे की मौत
दमकल विभाग के अनुसार 2025 में कश्मीर संभाग में अब तक 41 आग की घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें नौ घटनाएं सिर्फ शहर में घटी हैं। 16 अक्तूबर को किश्तवाड़ के मुलवाड़वन गांव में 70 मकान जले थे। 20 मार्च को अनंतनाग के कादिपोरा में एक घर में भीषण आग लगी थी। वहीं, जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं। 2024-25 में 1243 घटनाएं सामने आई हैं। अप्रैल के पहले सप्ताह में पुलवामा के त्राल स्थित मदरसे में आग लगने से 10 साल के बच्चे की मौत हो गई थी।

जम्मू-कश्मीर में आग पर काबू पाते दमकल कर्मी - फोटो : अमर उजाला
उपकरणों के बेड़े को बढ़ाया जा रहा
आपात स्थिति में अग्निशमन और बचाव कार्यों की चुनौतियों का सामना करने के लिए विभाग के पास अग्निशमन उपकरणों का एक बड़ा बेड़ा है। इसमें उन्नत एरियल लैडर प्लेटफॉर्म, बहुउद्देश्यीय फोम टेंडर, फायर टेंडर, एडवांस रेस्क्यू टेंडर, त्वरित प्रतिक्रिया वाहन, वाटर बूजर, फायर और रेस्क्यू बोट, इमरजेंसी टेंडर, एम्बुलेंस, आयातित हाई-पावर पोर्टेबल फायर पंप, पोर्टेबल वाटर मिस्ट टेक्नोलॉजी सिस्टम शामिल हैं।

983 में हुई थी दमकल विभाग की शुरुआत
जम्मू-कश्मीर में अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं विभाग 1893 में श्रीनगर फायर ब्रिगेड के रूप में स्थापित किया गया था। आग पर पानी फेंकने के लिए बाल्टियों का इस्तेमाल किया जाता था। बाद में इसे भाप के इंजनों से बदल दिया गया, जिन्हें पानी गर्म करने के लिए जलाऊ लकड़ी जलाकर चालू किया जाता था और उन्हें दमकलकर्मियों द्वारा खींची जाने वाली गाड़ियों पर ले जाया जाता था।

विभाग के पास शुरू में पांच फायर स्टेशन और 60 फायरमैन थे और यह मुंबई (1803) और कोलकाता (1822) के बाद देश की तीसरी सबसे पुरानी फायर ब्रिगेड है। वर्तमान में यह देश की चौथी सबसे बड़ी अग्निशमन सेवा है, विभाग के 180 स्टेशन है।

साल फोन काल कुल संपत्ति बचाई  बलिदान जवान घायल
2020 4072 5044.29 4830.67 3 6
2021 4277 1517.56 1429.92  0 8
2022 5833 1527.33 1415.07 0 12
2023 4451 1189.69 1090.27 1 11
2024 7749 4470.90 4228.81 0 29
विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Chenab Bridge: घाटी के रोमांचक सफर में बस सात दिन इंतजार, कश्मीर से कन्याकुमारी तक सफर का सपना होगा साकार

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें