घाटी में मौजूदा समय में 350 से अधिक आतंकियों के सक्रिय होने की खबर हैं। इनमें जैश के पाकिस्तानी आतंकियों की तादाद अधिक है। इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि हाल के दिनों में आईबी से आतंकियों की घुसपैठ हुई है। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अब पूरी घाटी में जैश ही अपने हिसाब से आतंकी नेटवर्क को संचालित कर रहा है। लश्कर-ए-ताइबा और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी भी इनका साथ दे रहे हैं। श्रीनगर शहर में भी 10-15 आतंकियों की मौजूदगी की सूचना है। हालांकि, सरकारी आंकड़ों में घाटी में मौजूद आतंकियों की संख्या 250 से अधिक बताई जाती है।
इस साल 150 से अधिक आतंकियों का काम तमाम
इस साल अब तक 150 से अधिक आतंकी मारे जा चुके हैं। अगस्त तक 139 आतंकी मारे गए थे। 370 हटने के बाद 15 से ज्यादा आतंकियों का सुरक्षा बल काम तमाम कर चुके हैं। 370 हटने के बाद मोबाइल सेवा ठप रहने से भी आतंकियों के मूवमेंट के इनपुट नहीं मिल पा रहे थे। अब यह सेवा शुरू होते ही सूचनाएं पहुंचने लगी हैं। इससे अब मुठभेड़ की कई घटनाएं सामने आ सकती हैं।
पिछले तीन साल में मारे गए आतंकी व नागरिक
वर्ष आतंकी नागरिक
2018 257 39
2017 213 40
2016 150 15
कुल 733 94
अक्तूबर-नवंबर में मुठभेड़
1 अक्तूबर: गांदरबल में आतंकियों और सेना के बीच मुठभेड़, मार गिराए दो आतंकी
8 अक्तूबर: पुलवामा में मुठभेड़, लश्कर के दो आतंकी ढेर
16 अक्तूबर: अनंतनाग में सुरक्षाबलों ने हिजबुल कमांडर समेत मार गिराए तीन आतंकी
29 अक्तूबर: कटड़ा के ट्रक ड्राइवर की हत्या करने वाला आतंकी अनंतनाग मुठभेड़ में ढेर
10-11 नवंबर: बांदीपोरा में सुरक्षाबलों ने लश्कर कमांडर समेत दो आतंकी किए ढेर
12 नवंबर : गांदरबल में मुठभेड़, सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को मार गिराया
आतंकियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। ऐसा नहीं है कि बर्फबारी के दौरान ही आपरेशन में तेजी आती है। जब कभी भी इनपुट मिलते हैं तो कार्रवाई की जाती है। यह जरूर है कि इस मौसम में खास सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है ताकि आतंकी अपने मंसूबे में कामयाब न होने पाएं।-दिलबाग सिंह, डीजीपी