बाढ़ के बाद बिजली ढांचे के पूरी तरह से बहाल न होने के कारण शहर के अस्पतालों में भी कटौती की समस्या बढ़ी है। कटौती के कारण डीजल की किल्लत में भी बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि फंड में एडजेस्टमेंट करके डीजल की उपलब्धता को सुनिश्चित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन भविष्य में बिजली संकट की मार अस्पतालों पर ज्यादा रहेगी। डीजल की कमी से एंबुलेंस सेवा भी प्रभावित रही है।
पिछले दो हफ्तों के भीतर जीएमसी सहित अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में बिजली कटौती बढ़ी है। गत दिनों जीएमसी की इमरजेंसी में कई घंटे बिजली गुल रही। यही नहीं आईसीयू यूनिट में कई मरीजों को एंबोसेट पर डालने की नौबत आ गई थी।