प्रदेश में आगामी दिनों में मौसम में उतार चढ़ाव रहेगा जारी
कई बार अमरनाथ यात्रा में खराब मौसम अड़चन डालता रहा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। देश के कई हिस्सों में समय से पहले पहुंचा मानसून आफत बना हुआ है। कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। देशभर से होकर आखिर में जम्मू-कश्मीर में पहुंचने वाले मानसून के इस बार जून के मध्य से आखिर तक आने की उम्मीद है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून ने समय से पहले रफ्तार पकड़ी है। इसका जम्मू-कश्मीर पर भी प्रभाव दिखेगा। अमूमन प्रदेश में जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून की दस्तक होती है। इस अवधि में ही श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होती है।
वर्तमान में देश के कई हिस्सों में मानसून की बारिश रिकार्ड तोड़ रही है। इससे सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित हुई हैं। जम्मू-कश्मीर में मानसून सामान्य तौर पर 15 सितंबर तक सक्रिय रहता है। लेकिन आम तौर पर सितंबर के शुरू से इसका प्रभाव कम हो जाता है। वर्ष 2024 में भी जून के आखिर में प्री मानसून की बारिश के बाद जुलाई के शुरू में मानसून ने पूरी तरह से दस्तक दी थी। इससे पहले वर्ष 2023 में 24 जून, वर्ष 2022 में 30 जून और वर्ष 2021 में सामान्य से 17 दिन पहले जून के मध्य में मानसून जम्मू कश्मीर में पहुंच गया था।
पिछले कुछ सालों में मानसून के दौरान भी प्रदेश के लगभग हिस्सों में औसतन से कम बारिश हुई है। वर्ष 2023 में कश्मीर में औसतन सामान्य 223.26 की तुलना में 207.49 मिलीमीटर और जम्मू संभाग में 738.62 की तुलना में 675.9 मिलीमीटर बारिश हुई थी। प्रदेश में आगामी दिनों में मौसम में उतार चढ़ाव जारी रहेगा। इस दौरान कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में जिस गति से मानसून आगे बढ़ रहा है, उससे उम्मीद है कि जम्मू कश्मीर में भी यह समय पर पहुंच जाएगा। इस बार मानसून में अच्छी बारिश हो रही है।