जम्मू में बारिश के दौरान हाईवे से गुजरते लोग।
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अमूमन जम्मू-कश्मीर में जून के अंत या जुलाई के शुरू में मानसून पहुंचता है और सितंबर के मध्य तक सक्रिय रहता है। पिछले साल मानसून 17 दिन पहले जून के मध्य में जम्मू-कश्मीर में पहुंच गया था। हालांकि, 2021 में मानसून सीजन के दौरान सामान्य से कम बारिश हुई थी। भारत में मानसून का गेटवे केरल राज्य है, जहां से दक्षिण भारत से गुजरते हुए मानसून पहले पूर्वोत्तर और फिर घूमकर वापस उत्तर की ओर जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में पहुंचता है। देश में मानसून का आखिरी पड़ाव राजस्थान होता है। जम्मू में बुधवार रात को मूसलाधार बारिश के बाद वीरवार को दिनभर बादल छाए रहे।
श्रीनगर में बारिश के दौरान जाते लोग।
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जम्मू से अधिक गरम रहा कश्मीर
मानसून की दस्तक के साथ जम्मू संभाग में जहां तापमान कम हुआ है वहीं कश्मीर में मौसम साफ रहने के कारण तापमान जम्मू से ज्यादा दर्ज किया गया। वीरवार को राजधानी श्रीनगर में जम्मू की तुलना में चार डिग्री अधिक तापमान रहा। कश्मीर के कई जिलों में दिन का पारा 35 डिग्री तक पहुंच जाने से तपिश का अहसास बढ़ा है। कुपवाड़ा जैसे ठंडे इलाके में भी दिन का तापमान सामान्य से 5.2 डिग्री चढ़कर 34.9 डिग्री तक पहुंच गया है। काजीकुंड में भी दिन का पारा सामान्य से 4.2 डिग्री चढ़कर 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जम्मू में बरसेंगे बादल, कश्मीर में इंतजार
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार, आगामी दिनों में जम्मू संभाग में मानसून सक्रिय रहेगा। इसमें शुक्रवार को कुछ हिस्सों में मौसम खराब होने की सूरत में भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। बिजली गरजने के साथ बारिश होगी, लेकिन कश्मीर में कुछ हिस्सों पर ही इसका प्रभाव दिखेगा। जिससे वहां अधिकतर मौसम साफ रहने की उम्मीद है।
जम्मू संभाग में बारिश और तापमान
स्थान बारिश (मिमी) तापमान
- जम्मू 10.4 31.7
- बटोत 10.2 25.4
- कटड़ा 23.6 27.4
- भद्रवाह 1.4 32.7
- बनिहाल 28.8
कश्मीर संभाग में तापमान
- श्रीनगर 34.2
- पहलगाम 29.2
- गुलमर्ग 24.2
- लेह 31.2
- कारगिल 33.2