घाटी में पत्थरबाजों तथा आतंकियों को सबक सिखाने के लिए भारतीय मोदी आर्मी ने तिरंगा यात्रा निकाली। डल गेट से लगभग तीन किलोमीटर तक निकली यात्रा में आर्मी के सदस्य हाथों में तिरंगा लिए हुए थे।
तिरंगा यात्रा के विरोध के लिए काफी संख्या में लोगों के जुट जाने से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। हालांकि, सुरक्षा बलों ने घेरे में लेकर यात्रा को सकुशल संपन्न कराया।
यात्रा डल गेट से नेहरू पार्क तक निकली। रास्ते भर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की टकराव की स्थिति न उत्पन्न होने पाए। आर्मी के धर्म प्रकोष्ठ के अध्यक्ष बाबा चंचल सिंह ने कहा कि कश्मीर में आज पत्थरबाजी से हालात खराब हो गए हैं। कश्मीर के बच्चे हिंदुस्तान का भविष्य हैं। इनके हाथों में पत्थर नहीं बल्कि कलम होनी चाहिए। पढ़ाई लिखाई ही मूल मंत्र होना चाहिए।
मोदी आर्मी के कार्यकर्ता तिरंगे के साथ
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उन्होंने कहा कि चंद मुट्ठी भर लोग घाटी का माहौल खराब करने की साजिश कर रहे हैं। इससे सतर्क रहना है। इन स्वार्थी लोगों की नापाक साजिशों को नेस्तनाबूद करना है। युवा अपने भविष्य के लिए शांति का मार्ग अख्तियार करें।
बताया कि एकता तथा भेदभाव दूर करने का संदेश देने के लिए यह यात्रा निकाली गई थी। हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सब एक हैं और सभी को मिल जुलकर रहना चाहिए। रैली में मोदी आर्मी के डा. राजीव ओझा, डा. मंजूर, अजीत सिंह जम्वाल, सतीश कुमार, अशोक कुमार आदि शामिल रहे।