प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘प्रगति’ योजना के तहत मुख्य सचिव इकबाल खांडे से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रूबरू होते हुए रियासत में चल रही ‘हिमायत’ योजना की कामयाबी पर विस्तृत बातचीत की।
प्रधानमंत्री ने कौशल विकास के विभिन्न प्रयासों में मिली सफलता पर चर्चा के दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को ‘हिमायत माडल’ अन्य प्रदेशों में भी लागू करने के निर्देश दिए। इस योजना के तहत रियासत के युवाओं को स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए मार्केट उपलब्ध करवाने की भी मोदी ने जानकारी ली।
इस दौरान प्रधानमंत्री तमाम प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रूबरू हुए। हिमायत योजना के तहत रियासत के युवाओं को पांच सालों के लिए प्रशिक्षण देने के अलावा निजी क्षेत्र में उनकी नियुक्ति की व्यवस्था के लिए कदम उठाए जाते हैं।
2011-12 में शुरू की गई योजना के तहत 18 से 35 साल उम्र के 40 हजार लोगों को प्रशिक्षित किया गया। इनमें से 32,331 को नियुक्ति से पहले एक साल काम मुहैया करवाया गया, जबकि 22,695 युवाओं को निजी क्षेत्रों में नौकरी उपलब्ध करवाई गई।
सरकार ने केंद्र से आग्रह किया कि हिमायत योजना को 2015-16 में भी बरकरार रखा जाए। इस योजना को ‘दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना’ के साथ लागू किया जाए, ताकि युवाओं को इसका फायदा मिल सके।
लद्दाख में 7500 मेगावाट सोलर पावर प्रोजेक्ट सहित अन्य ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर प्रोजेक्टों की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने नेशनल ग्रिड के साथ ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट एकीकरण में तेजी लाने को कहा।