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आदर्श गांव से 500 मीटर दूर अटक गई बिजली

Mon, 06 Jun 2016 02:23 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/किश्तवाड़
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बिजली - फोटो : Demo Pic.
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जिले में कलकल बहती चंद्रभागा की जलधारा का एक पड़ाव ऐसा है जिसके एक किनारे गढ़ और दूसरे किनारे पर मस्सू गांव बसा है। दस साल पहले रियासत की सरकार ने 11 मोहड़ों  की बसाहट वाले गढ़ को आदर्श गांव घोषित किया। मॉडल विलेज बनकर भी गढ़ की न तो तकदीर बदली न तसवीर।
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गांव में बिजली आज तक नहीं पहुंची है। जलधारा के दूसरी ओर महज 500 मीटर की दूरी पर बसे मस्सू में जगमगाती बिजली को गांव के बच्चे बड़ी हसरत से देखते रहते हैं। बिजली की कमी इस गांव को आदिम युग में धकेल देती है। कुछ घरों में सोलर लाइट हैं।

बाकी गांव के लिए टीवी, फ्रिज, मोबाइल, पंखे, कूलर, एसी,एलईडी आदि तमाम चीजें आज भी अजूबा हैं। देश-दुनिया और रियासत में क्या हो रहा है, यह बात यहां के लोग जान ही नहीं पाते। संचार क्रांति यहां चक्कर खाकर गिर पड़ी है। मॉडल विलेज का दर्जा मिलने पर गांव की गलियों में कुछ टाइल्स लगीं थीं जो कब की उखड़ गईं।
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जिले के 44 गांवों में बिजली नहीं

बिजली - फोटो : amar ujala
कागजों में कुछ काम भले ही दर्ज हों पर नजर कहीं नहीं आते। लगभग 300 घराें वाले गांव में रोशनी का जरिया धीनी (लकड़ी का गुच्छा) है, जिसे जलाकर घरों में रोशनी की जाती है। गढ़ के 11 मोहड़ों के लोग इस पार से मस्सू गांव की रोशनी को दूर से टिमटिमाता हुआ देखते हैं। पाडर तहसील मुख्यालय से 75 किलोमीटर दूर स्थित गढ़ मॉडल विलेज की पंच लाल देवी कहती हैं, बिजली के बिना मॉडल विलेज के दर्जे की अहमियत समझ नहीं आती।

मस्सू गांव से गढ़ तक बिजली पहुंचाने के लिए कई मर्तबा प्रशासन और नेताओं से गुहार लगाई जा चुकी है। अब तक तो किसी ने सुनी नहीं। हेमराज, राजेंद्र सिंह, रमीता देवी, बोधराज कहते हैं दूरदराज इलाके में बिजली पहुंचाने के सरकारी वादे में गंभीरता नहीं दिखती। मस्सू में बिजली पहुंचे और मॉडल विलेज महरूम रह जाए यह बात अटपटी लगती है।

​शाम ढलने के बाद बच्चे पढ़ नहीं पाते तो पढ़ाई जारी कैसे रख पाएंगे। अन्य दुश्वारियों की तो बात ही छोड़ दें। किश्तवाड़ के जिला उपायुक्त गुलाम नबी बलवान कहते हैं कि बिजली को प्राथमिकता से फरहाम करवाने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। वे यह नहीं बताते कि इन पर अमल कब तक होगा।

गढ़, पंडेल, पलाली, चिशोती, हांगो, लुसेंड़ी, कुंदेल, कबन, आेंगई, तुन, मुठल सहित पाडर तहसील के 20 और पूरे किश्तवाड़ जिले में कुल 44 गांवों में बिजली नहीं है।

मॉडल विलेज के चुनिंदा घरों को मिलीं सोलर लाइटें
मॉडल विलेज गढ़ में 298 परिवारों में से करीब नब्बे घरों को सोलर लाइटें दी गई  हैं। ग्रामीण आरोप लगाते हैं कि बिजली का स्थायी इंतजाम करने के बजाए सोलर लाइटें दी भी गईं तो चहेतों को।
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