इन ड्रिल्स का उद्देश्य आपात स्थिति में रेस्क्यू टीमों की तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता की जांच करना था। इनमें जम्मू-कश्मीर पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सीआरपीएफ की 45 विशेष पर्वतीय रेस्क्यू टीमें शामिल रहीं।
यह अभ्यास 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग पर किया गया, जहां कई स्थान अभी भी बर्फ से ढके हुए हैं। ड्रिल के दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़, मेडिकल इमरजेंसी और अन्य आपदाओं से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि चंदनवारी, पिस्सू टॉप, शेषनाग, पंजतरणी, डोमाइल और पवित्र गुफा सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर एक साथ अभ्यास किया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि इस अभ्यास से सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, संचार प्रणाली और बचाव उपकरणों की कार्यक्षमता का भी मूल्यांकन किया गया।