बनी में बाढ़ और मलबा चलने के बाद का मंजरसंवाद
कठुआ। पिछले एक सप्ताह से जारी आपदा के चलते बनी सब-डिवीजन मुख्यालय बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गया है। चार दिन से मोबाइल नेटवर्क ठप है, जबकि एक हफ्ते से सड़क संपर्क बाधित है। इससे न केवल प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए हैं, बल्कि आम जनजीवन भी संकट में आ गया है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार बनी से लोआंग के अलावा शेष एक दर्जन से अधिक सड़कें पूरी तरह से भंग हो चुकी हैं। कस्बे तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी अंधेरा है।
आवश्यक सेवाओं पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सीमित हो गई है, जबकि सब्जियों की उपलब्धता न के बराबर है। राशन की भी कमी महसूस की जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल नेटवर्क के अभाव में लोग अपनों का कुशलक्षेम जानने को भी बेचैन हैं। रोजाना लोग कई किलोमीटर दूर हिमाचल सीमा पर पहुंचकर मोबाइल नेटवर्क से अपनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। खास तौर से प्रदेश के बाहर कामकाज के सिलसिले में गए लोग भी घर से संपर्क न हो पाने पर परेशान नजर आ रहे हैं।
तहसीलदार बनी प्रद्युमन अत्री ने बताया कि सेवा दरिया का जलस्तर अब कम हो गया है, लेकिन 60 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से चार से पांच पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। प्रभावित परिवार अपने ही आसपास अस्थायी रूप से रह रहे हैं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि टिकरी मार्ग पर बीआरओ की टीम सक्रिय है और शनिवार तक सड़क बहाली की उम्मीद है। मोबाइल नेटवर्क की बहाली के लिए भी प्रयास जारी हैं, लेकिन ओएफसी कटने के कारण संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही नेटवर्क बहाल होगा, नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा और राहत कार्यों को गति दी जाएगी।