रियासत सरकार की ओर से शनिवार को एक बार फिर रियासत भर में इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई। इस बार यह फैसला कश्मीर में भड़की हिंसा के मद्देनजर लिया गया है।
हालांकि, हिंसा सिर्फ कश्मीर के कुछ जिलों में ही हो रही है, पर प्रशासन और सरकार के इंटरनेट ठप करने के फैसले से रियासत भर के लोगों को कई तरह के नुकसान उठाने पड़ रहे हैं। लोगों के आनलाइन यात्रा रिजर्वेशन नहीं हो सके। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने समय के लिए इंटरनेट प्रतिबंधित किया गया है।
कश्मीर में शुक्रवार देर रात से ही इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई थी। शनिवार शाम को यह फैसला जम्मू में भी लागू कर दिया गया। इंटरनेट सेवा ठप किए जाने से रियासत के पचास लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इससे पहले जम्मू के रूपनगर स्थित आप शंभु मंदिर और नानक नगर में एक शिव मंदिर में तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद भी प्रशासन और सरकार की ओर से इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गईं थीं।
जम्मू में शाम चार बजे के करीब इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई। माना जा रहा है कि देश के विभिन्न इलाकों से अमरनाथ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं पर घाटी में पथराव किए जाने, लंगरों को आग लगाए जाने और यात्रा बंद कर दिए जाने के चलते भक्तों को हो रहीं असुविधाओं की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल न होने पाएं इसके चलते सरकार की ओर से इंटरनेट सेवा ठप करने का फैसला किया गया है।