हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज नायकू के मारे जाने के बाद छह दिन से ठप मोबाइल इंटरनेट सेवा सोमवार को आधी रात बहाल कर दी गई। हालांकि, 2जी इंटरनेट सुविधा ही मिलेगी। इसके साथ ही पुलवामा व शोपियां में मोबाइल फोन सेवा भी बहाल कर दी गई है। इसके साथ ही पूरी घाटी में मोबाइल फोन, मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवा बहाल हो गई है। हिंसा की आशंका में बुधवार को इन सेवाओं को स्थगित कर दिया था।
बता दें कि कश्मीर के दस जिलों में से आठ जिलों में सोमवार रात 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल हो गई है। इससे पहले सोमवार को जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट बहाली का आदेश देने से उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने फिलहाल इनकार कर दिया है। न्यायालय ने जम्मू कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा प्रदान करने के अनुरोध पर विचार के लिए गृह मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का आदेश दिया।
न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि इस समिति में जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव और संचार सचिव भी शामिल होंगे। यह समिति 4जी इंटरनेट सेवा बहाल करने के याचिकाकर्ताओं के अनुरोध पर विचार करेगी।
न्यायालय ने फाउण्डेशन फॉर मीडिया प्रफेशनल्स , शोएब कुरैशी और जम्मू कश्मीर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया और साथ ही यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और मानव अधिकारों के बीच संतुलन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर दलीलों में दावा किया गया कि 2जी सेवाएं शिक्षा और अन्य सेवाओं के संचालन के लिए पर्याप्त नहीं हैं। न्यायमूर्ति एनवी रमण ने कहा कि अदालत को यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकार संतुलित हों। उन्होंने कहा कि हम समझते हैं कि केंद्र शासित प्रदेश संकट में है। इस समय अदालत कोरोना महामारी और इसे उत्पन्न हुई कठिनाई से संबंधित चिंताओं का भी संज्ञान ले रहा है।