मनरेगा में गोलमाल : अब पंगदौर पंचायत में सामने आईं अनियमितताएं
विशाल जसरोटिया
सांबा। जिले में मनरेगा कार्यों में अनियमितताओं की कड़ी में अब पंगदौर पंचायत का नाम भी जुड़ गया है। यहां एक ही कार्यस्थल पर सुबह और शाम को ली गईं तस्वीरों में न सिर्फ मजदूर बदले हुए नजर आ रहे हैं बल्कि उनके कपड़े भी अलग-अलग पाए गए हैं। इससे ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली में हेराफेरी की आशंका गहराती जा रही है।
मनरेगा पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार यह मामला सांबा ब्लॉक की पंगदौर पंचायत में वर्क कोड 1418003018/आरसी/8808744577 से जुड़ा है। इसमें राजदेव के घर से सुखदेव के घर तक रैपुर कठलाई में टी-रोड, अर्थ वर्क निर्माण दर्शाया गया है। पोर्टल पर अपलोड ग्रुप फोटो बीते पांच फरवरी सुबह 9:48 बजे ली गई जबकि 9:52 बजे इसे पोर्टल पर अपलोड किया गया। दूसरी फोटो दोपहर 2:45 बजे ली गई और इसे एक सेकंड बाद अपलोड कर दिया गया। सुबह की तस्वीर में चार युवक और पांच महिलाएं हैं जबकि दोपहर की तस्वीर में चार युवकों की जगह दो युवक रह गए जबकि दो बुजुर्ग तस्वीर में शामिल हो गए। महिलाएं भी अलग और बदले कपड़ों में नजर आ रहीं हैं।
कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर मजदूरों की संख्या नाममात्र ही होती है। तस्वीरों में दिखने वाले लोग सिर्फ फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं। काम करने वाले लोग अलग होते हैं। रिकॉर्ड में चुनिंदा और भरोसेमंद लोगों की उपस्थिति दर्शा दी जाती है। सुबह की फोटो में जो चेहरे दिखते हैं शाम की फोटो में उनकी जगह दूसरे लोग नजर आते हैं। इससे फर्जी हाजिरी और मिलीभगत कर मिलने वाली राशि के दुरुपयोग का गोरखधंधा चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार वास्तविक मजदूरों के बजाय अन्य व्यक्तियों को खड़ा कर फोटो खींची जाती है ताकि कागजों में काम चलता हुआ दिखाया जा सके। उनका आरोप है कि सारा गोरखधंधा महज फोटो और हाजिरी के दम पर चल रहा है। लेकिन वास्तविक परिस्थितियों को कोई नहीं जांच रहा।
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पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
इससे पहले पटयारी, चचवाल, टपयाल, राजिंदर सिंह पुरा और गाैरन पंचायतों में भी मनरेगा के तहत फोटो और हाजिरी में गड़बड़ी के आरोप लग चुके हैं। अब पंगदौर में सामने आए मामले ने यह साफ कर दिया है कि समस्या किसी एक पंचायत तक सीमित नहीं है।
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सवाल ये भी
- जब मौके पर मजदूर कम या काम नहीं कर रहे हैं तो मनरेगा पोर्टल पर पूरी हाजिरी कैसे दर्ज हो रही है?
- सुबह-शाम की तस्वीरों में अलग लोग क्यों दिख रहे हैं?
- पंचायत स्तर पर फोटो अपलोड की निगरानी कौन कर रहा है?
- अब तक सामने आए मामलों में क्या कार्रवाई की गई?
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निष्पक्ष जांच की मांग
समाजसेवी संदीप शर्मा ने मांग की है कि पंगदौर समेत सभी अन्य पंचायतों में स्वतंत्र जांच, एनएमएमएस डेटा का तकनीकी ऑडिट और कार्यस्थलों का भौतिक सत्यापन कराया जाए ताकि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में हो रहे कथित दुरुपयोग पर अंकुश लगाया जा सके।
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मामलों की जांच की जा रही
ग्रामीण विकास विभाग के सहायक आयुक्त विकास रफीक अहमद का कहना है कि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि मामलों की जांच की जा रही है और रोज मॉनिटरिंग भी हो रही है जहां भी गड़बड़ी पाई जाएगी वहां कार्रवाई की जाएगी।