जम्मू। जम्मू कश्मीर में कोविड महामारी और दूसरी परिस्थितियों से पहले ही वेंटिलेटर पर चल रहे पर्यटन उद्योग को बूस्टर डोज की उम्मीद थी। लेकिन केंद्रीय बजट में पर्यटन क्षेत्र के लिए कोई घोषणा न हो पाने से इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को मायूसी हुई है। उनका कहना है कि जम्मू कश्मीर के पर्यटन को गति देने के लिए विशेष पैकेज की जरूरत थी। लेकिन उसे बजट में नजरअंदाज किया गया है। प्रदेश की प्रमुख अर्थव्यवस्था पर्यटन पर निर्भर है।
आल जम्मू होटल एंड लगेज एसोसिएशन के प्रधान पवन गुप्ता ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र से जुड़ा होटल व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित है। कोविड और अन्य दूसरे कारणों से जम्मू कश्मीर में पर्यटन को अपनी क्षमता के मुताबिक गति नहीं मिल पाई है। जम्मू में पर्यटकों को रोकने के लिए सुस्त पर्यटन परियोजनाओं को विशेष राशि मिलने की उम्मीद थी। लेकिन बजट में ऐसा नहीं हो पाया है। होटल उद्योग को भी कोई राहत नहीं दी गई है। जीएसटी स्लैब में भी कोई छूट नहीं दी गई है। कुलमिलाकर बजट में खानापूर्ति की गई है। टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन जम्मू के प्रधान आशुतोष गुप्ता ने कहा कि पिछले तीन साल से पर्यटन से जुड़ा टूर एंड ट्कैवल व्यवसाय प्रभावित है। सैकड़ों लोगों ने बैंकों ने ऋण लेकर वाहन लिए हैं। लेकिन पर्यटन को गति नहीं मिल पाने से वे किश्ते भी नहीं निकाल पा रस्त्रत्त्हे हैं। सरकार को ब्याज पर राहत देनी चाहिए थी। इसी तरह कोविड अवधि के दौरान ट्रांसपोर्टरों के टोकन और पैसेंजर कर को माफ नहीं किया गया है। उम्मीद है कि इन मांगों पर आगामी राज्य बजट में ध्यान दिया जाएगा।