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'राज्यमंत्री' के लिए जुगाड़ लगा रहे विधायक

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सरकार में मंत्री न बनने वाले भाजपा और पीडीपी के विधायकों, एमएलसी और वरिष्ठ नेताओं में अब विभिन्न विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष बनने के बाद राज्यमंत्री का दर्जा हासिल करने का जुगाड़ लगाया जा रहा है। दोनों पार्टियों में बोर्ड के उपाध्यक्षों का पद हासिल करने पर भी विचार-विमर्श चल रहा है, लेकिन अभी इसे लेकर कोई बैठक नहीं हुई है।
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बजट सत्र के बाद इस पर पत्ते खुल सकते हैं। सूत्रों की मानें तो दोनों पार्टियों की ओर से तैयारियां की जा चुकी हैं, जिनको बजट सेशन के मध्य या फिर खत्म होने के तुरंत बाद उपाध्यक्ष के पदों का बंटवारा होगा। पूर्व सरकार ने किसान बोर्ड, महिला आयोग, पहाड़ी बोर्ड, एससी, एसटी बोर्ड, ओबीसी बोर्ड के अपने उपाध्यक्ष बनाए थे।

नई सरकार ने आते ही इनको टर्मिनेट कर दिया। इन बोर्ड के उपाध्यक्ष बनने वालों को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त होता है। माना जा रहा है कि पहाड़ी बोर्ड और महिला आयोग के अध्यक्ष पद पीडीपी अपने पास रख सकती है, जबकि किसान बोर्ड, ओबीसी और एससी एसटी बोर्ड के उपाध्यक्ष का पद भाजपा खाते में जा सकता है।
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पहाड़ी बोर्ड उपाध्यक्ष के दावेदार

पहाड़ी बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष तफील उर रहमान नेशनल कांफ्रेंस से थे। इनको हाल ही में टर्मिनेट किया गया। पुंछ के पीडीपी नेता रफीक खान, इकबाल काजमी, राजोरी के अब्दुल क्यूम डार, उड़ी के राजा एजाज अली का नाम बोर्ड का उपाध्यक्ष के लिए सामने आ रहा है, क्योंकि राजोरी-पुंछ में आधी से अधिक जनसंख्या पहाड़ी गुर्जर बक्करवाल समुदाय की है। इसलिए इनमें से कोई एक पहाड़ी बोर्ड का उपाध्यक्ष हो सकता है।

किसान बोर्ड
किसान बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष नेशनल कांफ्रेंस के विधायक रछपाल सिंह और राधेश्याम थे। दोनों ने तीन-तीन साल पद संभाला। अब इस बोर्ड के उपाध्यक्ष बनने के लिए भाजपा के किसान नेता और सुचेतगढ़ के विधायक चौधरी शाम, वरिष्ठ किसान नेता राजेश शर्मा, कठुआ विधायक का नाम भी सामने आ रहा है।

महिला आयोग
इसमें भाजपा की हिना भट्ट का नाम सबसे ऊपर है। पीडीपी की ओर से भी इस पद के लिए किसी को उतारा जा सकता है। पीडीपी की सांसद महबूबा मुफ्ती भी इस पद को अपने पास रख सकती हैं। ओबीसी बोर्ड और एसटी बोर्ड के अभी पत्ते नहीं खुल रहे। सांबा, आरएस पुरा, चिनैनी और खौड़ के विधायक इस दौड़ में शामिल हैं। इनमें से किसी को ओबीसी और एससी, एसटी बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है।
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