ट्रक हमले में शामिल कथित पांच आरोपियों पर पीएसए लगाए जाने पर कई राजीनितक, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों ने अपनी प्रतिक्रिया जताते हुए इस मामले में निष्पक्ष जांच करने की मांग की।
पैंथर्स पार्टी के बलवंत सिंह मनकोटिया ने भी इस मामले में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं भविष्य में नहीं दोहराई जाएं, इसके लिए सरकार और प्रशासन को कड़े कदम उठाने चाहिए।
इस घटना में कुछ नाबालिग भी शामिल हैं। जो भावनाओं में बह गए। इन युवाओं की धार्मिक भावनाओं को भड़काने के लिए मुख्य तौर पर कश्मीर में लंगेट के विधायक इंजीनियर रशीद हैं।
जिन्होंने बीफ पार्टी के नाम पर पूरे राज्य में सांप्रदायिक माहौल खराब किया। नासमझ मासूम, नाबालिग और युवाओं को भड़काकर धर्म निरपेक्षता को ठेस पहुंचाई गई है।
उधमपुर के युवाओं के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई की, लेकिन रशीद के खिलाफ अब तक भाजपा पीडीपी सरकार एफआईआर तक दर्ज नहीं कर पाई है।
हिंदुओं के लिए जम्मू कश्मीर राज्य शेष भारत का अंग नहीं पाकिस्तान हो गया है। जहां उनके युवाओं के खिलाफ पीएसए लगाया जा रहा है। उधमपुर की गाड़ियों को भी कश्मीर में तोड़ा जा रहा है।
ऐसे हालात केवल रशीद के कारण हुए हैं। रशीद विधायक हैं और कानून बनाने वालों में से हैं, लेकिन वह ही कानून तोड़कर लोगों को उकसा रहे हैं।
रशीद जैसे लोगों के रहते राज्य की कानून व्यवस्था और संविधान खतरे में पड़ गया है। युवा गुमराह हो रहे हैं और हिंसा बढ़ गई है।
ऐसे लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे। भाजपा पीडीपी सरकार को भी राज्य में बने माहौल का जिम्मेदार ठहराया गया और जांच में निष्पक्षता की उम्मीद जताई।