फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

J&K: गरीबों की जगह अधिकारियों ने बीपीएल सूची में डाले विधायकों के नाम

Thu, 09 Jun 2016 10:50 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
विज्ञापन
बीपीएल सूची में दो विधायकों के नाम - फोटो : File Photo
विज्ञापन
बीपीएल सूचियां बनाने में हुईं गड़बड़ियों के मामले में सरकार वीरवार को विधानसभा में सरकार की खासी किरकिरी हुई। सूची में भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण लाल भगत और विधायक इंजीनियर रशीद का नाम होने का मामला सामने आया है।
विज्ञापन


इस मामले में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री बशारत बुखारी ने बताया कि विधायक कृष्ण लाल ने खुद ही सीएपीडी मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली को पत्र लिखकर अपना नाम बीपीएल के लाभार्थियों में होने की जानकारी दी थी।

इसके बाद इस मामले में कार्रवाई करते हुए मंडलायुक्त जम्मू ने डीसी की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया है। डीसी को तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है। साथ ही मंडलायुक्त की ओर से खौड़ के तहसीलदार, बीडीओ और तहसील सप्लाई अफसर को निलंबित कर दिया गया है। 
विज्ञापन


इस बीच, विपक्ष ने सदन में सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा किया। नेकां के विधायक और पूर्व स्पीकर अकबर लोन ने कहा कि यह आपकी साख पर सवाल खड़ा करता है। इसके अलावा कांग्रेस के विधायक नवांग रिगजिन जोरा ने कहा कि यह कहीं न कहीं विभाग की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने सीएपीडी मंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि क्या आपका विभाग झक मार रहा है।
Trending Videos
विज्ञापन

लंगेट के तहसीलदार भी लपेटे में

व‌िधानसभा में हंगामा - फोटो : Amar Ujala
निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने भी विधानसभा में बताया कि उनका नाम भी बीपीएल लाभार्थियों की सूची में है। इसकी जानकारी उन्होंने कुपवाड़ा के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) को दी है। वे सूची से अपना नाम हटाने की सिफारिश कर चुके हैं। इस पर राजस्व मंत्री बशारत बुखारी ने कहा कि अगर ऐसा हुआ है, तो वह सदन में आश्वासन दिलाते हैं कि लंगेट के तहसीलदार को भी निलंबित किया जाएगा।

सरकार गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेगी: जुल्फिकार
सीएपीडी मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली ने मामले को संगीन बताते हुए कहा है कि सरकार सूची में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार 100 फीसदी पारदर्शी सूची चाहती है। वे चाहते हैं कि पात्र लोगों के नाम सूची से न कटे और जो पात्र न हो उनके नाम कतई शामिल न किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह शिकायतें काफी गंभीर हैं क्योंकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सीधे तौर पर गरीब जनता से जुड़ी है। सरकार गरीबों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी।

...कहीं न कहीं तो गलती होगी   
 विपक्ष द्वारा विभाग पर निशान साधने पर सीएपीडी मंत्री ने कहा कि करीब 1.25 करोड़ लोगों के नाम सूची में हैं। कहीं न कहीं तो गलती होगी, लेकिन यह भी आश्वासन दिलाया कि जहां भी गलती होगी, उसको सुधारा जाएगा।    
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें