राज्य में आतंकवाद को बढ़ाने का काम कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों ने किया है। पूर्व में बनाई गई सरेंडर नीति का उल्लंघन कर नेपाल के रास्ते भारत आने वाले लोगों को देश में बसाने का काम किया। देश में सुरक्षा व्यवस्था को ताक पर रखा गया है।
राज्य में भी कुछ लोगों को आतंकवाद पर चोट पसंद नहीं आ रही है, क्योंकि उनकी राजनीति आतंकवाद के बल पर ही चल रही थी। यह आरोप पीएमओ राज्यमंत्री डा. जितेेंद्र सिंह ने कठुआ में हाइवे विलेज के शिलान्यास के बाद प्रेसवार्ता में लगाया।
सीमा पर घुसपैठ के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका प्रधानमंत्री के दौरे पर कोई असर नहीं होगा। कश्मीर में फतवे पर कहा कि कश्मीर का युवा अब आगे बढ़ गया है। पूर्व में भी इस प्रकार के फतवों की परवाह किए बिना युवाओं ने परीक्षाओं में हिस्सा लिया और मेरिट में स्थान बनाया है। फतवे जारी करना उन लोगों का काम है जो राज्य में अमन नहीं देखना चाहते हैं। उनकी राजनीति भी इसी के आधार पर चलती है।
सुरक्षा एजेंसियां तय करेंगी आल आउट का भविष्य
पीएमओ राज्यमंत्री ने कहा कि सरेंडर नीति आने पर आपरेशन आल आउट को बंद करने का फैसला वह नहीं कर सकते हैं। यह आपरेशन सेना और सुरक्षा बलों से जुड़ा हुआ है, जिसका निर्णय वही लेंगे।