लेह के यूग्लिंग में दो हजार लीटर/प्रति घंटा की पास्चुराइजिंग क्षमता का मिल्क प्लांट जल्द ही चालू हो जाएगा। यह मेगा प्लांट कुछ सालों से बंद पड़ा है। प्रमुख सचिव पशुपालन डॉ. असगर हसन सैमून ने इसके लिए एक सप्ताह के भीतर डीपीआर तैयार कर सबमिट करने के निर्देश दिए हैं। इसे चालू करने के काम में 50 लाख का खर्च आने की उम्मीद है।
प्लांट कुछ हिस्सों के काम न करने की वजह से बंद हो गया था। इस बीच एक-दो कोशिशें भी इसे खेलने की हुईं, लेकिन परवान नहीं चढ़ सकीं। अब इस पर नए सिरे से फोकस किया जा रहा है। इसके अलावा पशुपालन, भेड़पालन और मत्स्यपालन विभाग की तरफ से लेह में पाश्चुराइज्ड दूध की वेंडिंग मशीनें भी लगाई गई हैं। अब और ऐसी मशीनें लगाई जाने की तैयारी है, ताकि क्षेत्र के लोगों को क्वालिटी वाला दूध मुहैया हो सके।
पूरे संभाग की होगी डिजीज मैपिंग
पशुओं को कोई रोग तो नहीं, यह जानने के लिए पशुपालन विभाग अब पूरे लद्दाख संभाग की डिजीज मैपिंग कराने जा रहा है। इसमें पशुओं को एलर्जी और त्वचा संबंधी रोगों पर खास तौर पर से फोकस किया जाएगा। लद्दाख संभाग में दो जिले आते हैं, लेह और कारगिल। लेह में याक का चीज बहुत पसंद किया जाता है। इसकी भी मार्केटिंग को बढ़ावा देने की तैयारी है।