जवानों ने लक्ष्मी पूजा की, लक्ष्मी-गणेश की आरती गाई और उत्सव के दौरान पटाखे भी फोड़ें। सीमा पर गश्त कर रहे एक अन्य सैनिक ने कहा, "हम सीमा रेखा पर चौबीसों घंटे अलर्ट पर रहते हैं। उत्सव और कर्तव्य एक साथ चलते हैं। हम देश के विभिन्न हिस्सों से आए वर्दीधारी अपने जवानों के साथ उत्सव का आनंद लेते हैं।
उत्सव में शामिल एक अन्य सैनिक को निगरानी ग्रिड पर तैनात किया गया था, जो एलओसी पर हर गतिविधि पर आधुनिक गैजेट और उपकरणों से निगरानी कर रहा था, ताकि सतर्कता में कोई चूक न हो। नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक दिवाली के उत्सव को आगे बढ़ाते हुए, सेना ने पुंछ और राजोरी जिलों में कई स्थानों पर पारंपरिक उत्साह और भक्ति के साथ इसे मनाया।