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अमृतसर बम ब्लास्ट के पीछे कहीं जाकिर मूसा तो नहीं, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी

Sun, 18 Nov 2018 04:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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आतंकी जाकिर मूसा - फोटो : फाइल
जाकिर रशीद भट्ट उर्फ जाकिर मूसा कश्मीर में अलकायदा का लोकल ग्रुप अंसार गजवा-तुल-हिंद को चलाने वाला मुखिया है। मूसा को पंजाब में देखे जाने के बाद अलर्ट जारी किया गया है। खुफिया एजेंसियों की मानें तो जाकिर मूसा को देश के अन्य हिस्सों में अलकायदा का नेटवर्क बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मूसा के ग्रुप में 20 आतंकियों के होने की सूचना है। वह पंजाब और दिल्ली जैसे राज्यों में अपना नेटवर्क बनाकर बड़े हमलों की फिराक में है। 

वहीं, रविवार को पंजाब के अमृतसर में राजासांसी गांव में एक धार्मिक डेरे में बड़ा विस्फोट हुआ है। फिलहाल जानकारी मिल रही है कि यह हमला बाइक पर सवार कुछ लोगों ने किया है। इस हमले में 3 की मौत हो चुकी है, जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। माना जा रहा है कि यह आतंकियों की साजिश थी। उधर मूसा के पंजाब में होने की भी पुख्ता खबर सुरक्षा एजेंसियों के पास पहले से ही मौजूद है।

सुरक्षाबलों की वांटेड लिस्ट में मूसा का नाम सबसे टॉप पर है। कश्मीर में अलकायदा की कमान मूसा के पास है। सितंबर 2017 में मूसा ने अलकायदा का लोकल ग्रुप अंसार गजावत उल हिंद का गठन किया। वह अलकायदा का नाम कश्मीर से बाहर ले जाना चाहता है। 

सूत्रों का कहना है कि वह कश्मीर के स्थानीय आतंकियों को अपने ग्रुप में शामिल कर चुका है, जिनको पंजाब के आतंकी संगठन बब्बर खालसा और खालिस्तान फोर्स के कुछ आतंकियों का समर्थन मिल रहा है। इनके बीच बढ़ने वाली नजदीकियों का ही कारण है कि वह पंजाब में दिखा। 
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Zakir Moosa Poster - फोटो : ANI
कौन है मूसा
उम्र 29 साल, इंजीनियरिंग का छात्र और बी टेक की पढ़ाई बीच में छोड़ दी। कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल गांव का रहने वाला है। जुलाई 2013 में वह हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था। आतंकी वुरहान वानी के 2016 में मारे जाने के बाद मूसा को हिजबुल की कमान सौंपी गई थी। दो महीने के बाद ही मूसा ने हिजबुल का दामन छोड़ दिया और खुद का ग्रुप गजवा-तुल-हिंद बना लिया। बाद में इसे अलकायदा का लोकल ग्रुप का नाम दिया। 
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आतंकी के जनाजे में पहुंचे आतंकियों ने की फायरिंग - फोटो : अमर उजाला
हर आतंकी के जनाजे में मूसा के नारे
कश्मीर में जाकिर मूसा को आतंक का चेहरा माना जाता है। बुरहान वानी के मरने के बाद जाकिर मूसा को कमान सौंपी गई थी। इसके बाद जब भी कोई आतंकी मारा जाता तो उसके जनाजे में मूसा मूसा जाकिर मूसा के नारे लगते हैं। इन नारों के कई वीडियो वायरल हो चुके हैं। 

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zakir musa
हिजबुल से दुश्मनी
18 सितंबर 2017 को शोपियां में मूसा के खिलाफ पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टर से हड़कंप मच गया। मूसा पर आरोप लगाया गया कि वह भारत का एजेंट है। कश्मीरी आतंकियों को उसकी सूचनाओं पर मारा जा रहा है। 
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अलगाववादी
अलगाववादियों का भी विरोध
कश्मीर पर भी मूसा के विवादित बयान देने के बाद बवाल हुआ। मई 2017 में मूसा ने कहा था कि कश्मीर मुद्दा इस्लामिक मूवमेंट का हिस्सा है, जिसका मकसद शरीया की स्थापना करना है। अलगाववादी कश्मीर की अवाम को कश्मीर के नाम पर गुमराह कर रहे हैं। 
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militants
हिट लिस्ट में पहला नाम मूसा का
कश्मीर में इस समय सक्रिय आतंकी कमांडरों में मूसा का नाम सबसे ऊपर है। जब भी सुरक्षा बलों की लिस्ट जारी होती है, तो मूसा का नाम टॉप पर होता है। 
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jammu high alert - फोटो : अमर उजाला
हर जगह अलर्ट 
पंजाब में जाकिर मूसा के देखे जाने के बाद जम्मू कश्मीर में अलर्ट किया गया है। अमूमन मूसा की मौजूदगी कश्मीर के अवंतीपोरा जिले में होती है। लेकिन पहली बार वह कश्मीर के बाहर कहीं देखा गया है। जिसे लेकर खुफिया एजेंसियां चौकन्ना हो गई है। पंजाब में मूसा की मौजूदगी की वजह टटोलने की कोशिश की जा रही है।
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