घाटी के वेटलैंड में हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों की संख्या में प्रवासी पक्षियों के पहुंचे का सिलसिला शुरू हो गया है। जिसके चलते वेटलैंड में रंग बिरंगे पक्षियों की चहचहाहट सुनने को मिल रही है।
ये पक्षी साइबेरिया, चीन, पूर्वी यूरोप और अन्य क्षेत्रों से हर वर्ष भीषण ठंड से बचने के लिए कश्मीर के वेटलैंड का रुख करते हैं। कश्मीर वेटलैंड के वार्डन इम्तियाज लोन के अनुसार अक्टूबर के पहले हफ्ते से ही धीरे धीरे इन प्रवासी पक्षियों का घाटी के वेटलै़ंड में आना शुरू हो जाता है। यह सिलसिला फरवरी के अंत तक जारी रहता है।
लोन के अनुसार पतझड़ के साथ ही जैसे ही मौसम में बदलाव आना शुरू होता है, ये प्रवासी पक्षी होकरसर वेटलैंड के अलावा शालाबुग, मिर्गुण्ड आदि वेटलैंड में पहुंच जाते हैं।