एक सप्ताह से अधिक समय तक सरकार और राजभवन के बीच चले सवाल-जवाब का सिलसिला शुक्रवार को थमा और राज्यपाल ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के सगे भाई तस्सदुक मुफ्ती को विधान परिषद के लिए नामित कर दिया।
इन्हें महाराजा हरि सिंह जयंती पर अवकाश न घोषित किए जाने से नाराज होकर इस्तीफा देने वाले विक्रमादित्य सिंह के स्थान पर एमएलसी बनाया गया है। इस बीच राज्यपाल ने वीरवार को इस्तीफा देने वाले हज एवं ओकाफ राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सैयद फारूक अंद्राबी का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया है।
माना जा रहा है कि तस्सदुक को मंत्रिपरिषद में शामिल कराने के लिए ही अंद्राबी ने इस्तीफा दिया है, ताकि सियासी गलियारे में इस बात की आलोचना न हो कि मंत्रिपरिषद में महबूबा का पूरा कुनबा ही शामिल है। ज्ञात हो कि अंद्राबी भी महबूबा के रिश्ते में मेटरनल अंकल लगते हैं।
इस नए घटनाक्रम से बजट सत्र शुरू होने से पहले ही तस्सदुक की मंत्रिपरिषद में ताजपोशी तय मानी जा रही है। उन्हें पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है।सूत्रों का कहना है कि तस्सदुक 26 दिसंबर को एमएलसी पद की शपथ ले सकते हैं।
शनिवार, रविवार तथा सोमवार (क्रिसमस) को अवकाश होने के चलते मंगलवार को शपथग्रहण संभावित है। दरअसल तस्सदुक को विक्रमादित्य सिंह के रिक्त स्थान पर एमएलसी नामित करने के लिए कैबिनेट ने बाई सर्कुलेशन मंजूरी दी।