फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

J&K: रमजान के महीने में एकतरफा सीजफायर को केंद्र की मंजूरी, CM महबूबा ने जताया आभार

Wed, 16 May 2018 06:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
indian army - फोटो : BASIT ZARGAR
विज्ञापन

रमजान के पाक महीने के दौरान जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों द्वारा आतंकियों के खात्में के लिए कोई भी ऑपरेशन नहीं चलाया जाएगा। गृह मंत्रालय के आधिकारिक ट्वीटर एकाउंट से ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी गई है। जिसमें सुरक्षाबलों से रमजान के महीने में कोई भी ऑपरेशन चलाने से मना किया गया है।  

विज्ञापन


हालांकि उसमें यह बात साफतौर से कही गई है कि आपात स्थिति में सेना निर्दोष नागरिकों की जान बचाने के लिए कार्रवाई करने के लिए मुक्त है। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर की सीएम ने 9 मई को श्रीनगर में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्र से यह अपील की थी कि रमजान और अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर केंद्र सरकार को कश्मीर में एकतरफा सीजफायर पर विचार करना चाहिए।

उन्होंने इस मामले में केंद्र के बड़े नेताओं से भी बातचीत की थी। गृह मंत्रालय की ओर से सीएम महबूबा की एकतरफा सीजफायर के साथ अन्य सभी सभी शर्तो की मंजूरी मिलने के बाद महबूबा मुफ्ती ने भी ट्वीट कर गृह मंत्री राजनाथ सिंह और पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि 18 मई से रमजान का पाक महीना शुरू होने वाला है।
विज्ञापन

विज्ञापन

आखिर क्या होता है सीजफायर

indian army - फोटो : BASIT ZARGAR
सीजफायर या संघर्षविराम एक ऐसी स्थिति होती है जब सेना अपनी ओर से किसी भी ऑपरेशन या कार्रवाई को अंजाम नहीं देती है। जब तक उसे उकसाया न जाय। साफ तौर पर कहा जाय तो सेना को इस स्थिति में शांत रहने का आदेश दिया जाता है।

हालांकि इस दौरान  सेना सर्च ऑपरेशन, गश्त आदि के लिए मुक्त होती है। किसी आपातकाल की ही स्थिति में ही सेना को कार्रवाई करने का प्रावधान होता है। साल 2000 में जब अटल बिहारी की सरकार थी तब भी कश्मीर में एकतरफा सीजफायर को लागू किया गया था। 

ये पूरी कवायद केंद्र की ओर से कश्मीर में हालात सुधारने का एक प्रयास कहा जा सकता है। हालांकि मोदी सरकार कश्मीर मामले में लगभग अटल फार्मूले को ही लागू करके इसका हल निकालने के प्रयास में जुटी हुई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें