सीजफायर या संघर्षविराम एक ऐसी स्थिति होती है जब सेना अपनी ओर से किसी भी ऑपरेशन या कार्रवाई को अंजाम नहीं देती है। जब तक उसे उकसाया न जाय। साफ तौर पर कहा जाय तो सेना को इस स्थिति में शांत रहने का आदेश दिया जाता है।
हालांकि इस दौरान सेना सर्च ऑपरेशन, गश्त आदि के लिए मुक्त होती है। किसी आपातकाल की ही स्थिति में ही सेना को कार्रवाई करने का प्रावधान होता है। साल 2000 में जब अटल बिहारी की सरकार थी तब भी कश्मीर में एकतरफा सीजफायर को लागू किया गया था।
ये पूरी कवायद केंद्र की ओर से कश्मीर में हालात सुधारने का एक प्रयास कहा जा सकता है। हालांकि मोदी सरकार कश्मीर मामले में लगभग अटल फार्मूले को ही लागू करके इसका हल निकालने के प्रयास में जुटी हुई है।