पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को फिर एक बार केंद्र पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को सशक्त बनाने के लिए भारत सरकार के फरमानों का कोई भी अंत नहीं है।
रोजगार पैदा करने के लिए भारत सरकार के लंबे दावों के विपरीत वे जानबूझकर सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर रहे हैं। जबकि वह जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर में लोग अपनी आजीविका के लिए सरकारी नौकरियों पर निर्भर हैं।
उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार कहती हैं कि जम्मू-कश्मीर में सब ठीक है और वहीं दूसरी तरफ सरकार कश्मीरियों के पीछे पड़ी हुई है। महबूबा का कहना है कि आतंकियों के साथ संबंध कश्मीरियों को बेदखल करने और अपमानित करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक नया बहाना है।
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बता दें कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने अपने छह कर्मचारियों को आतंकियों के साथ संबंध रखने और ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में काम करने के लिए बर्खास्त कर दिया था। प्रशासन के इसी कदम पर महबूबा मुफ्ती ने रोष व्यक्त करते हुए यह ट्वीट किया है।
प्रदेश सरकार ने राष्ट्र सुरक्षा के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। इसी संबंध में कुछ समय पहले जम्मू-कश्मीर सरकार ने आदेश भी जारी किया था जिसमें देशद्रोहियों का समर्थन करने पर सरकारी कर्मचारियों की नौकरी जाने की बात कही गई थी।