मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को शोपियां में नागरिकों की मौत पर सदन की चिंता को साझा करते हुए कहा कि पूरा राज्य इनकी कड़ी निंदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि शोपियां की तरह की परिस्थितियों को केवल बातचीत के माध्यम से ही निपटाया जा सकता है।
पिछले 30 साल से राज्य इस प्रकार के हालात को झेल रहा है। सभी का कहना है कि कश्मीर मसला है, तो इसे हल क्यों नहीं करते। महबूबा ने कहा कि दरअसल, भाजपा के प्रधानमंत्रियों के अलावा केवल आईके गुजराल ने ही कश्मीर समस्या को हल करने की कोशिश की थी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कश्मीर मसले का हल केवल बातचीत से ही हो सकता है। इसके अलावा और कोई चारा नहीं है। महबूबा ने कहा कि यदि किसी पार्टी ने संजीदगी से कश्मीर मसले के हल की पहल की है तो वह भाजपा ही है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसकी शुरुआत की।
लाहौर तक बस चली। मुशर्रफ को आगरा बुलाया, लेकिन बातचीत की प्रक्रिया फिर रुक गई। दुर्भाग्य कि संसद पर हमला हो गया। पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने अलगाववादियों तथा आतंकियों से बात की, लेकिन यूपीए सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में वाजपेयी सरकार की ओर से शुरू राजनीतिक प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया।