मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान के पाखंड पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह अपने बच्चों को तो बंदूक उठाने पर ड्रोन से मरवाता है और कश्मीरी बच्चों के बंदूक उठाने पर उनकी तारीफ करता है। यह पाकिस्तान का पाखंड है।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो पाकिस्तान खुद आतंकवाद का शिकार है। आतंकवाद की मार झेल रहे पाकिस्तान को लाल मस्जिद आपरेशन करने की जरूरत पड़ी।
उसने मस्जिद में घुसकर आतंकवादियों को मारा। स्कूल पर हमले में एक दिन में उसके 146 बच्चे मारे गए। लोग मस्जिदों में जाने से डरने लगे हैं। पर वह कश्मीरी युवाओं को बंदूक उठाने के लिए उकसाता है।
पाकिस्तान को अपनी इस नीति में बदलाव करने की जरूरत है। उन्होंने दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण यह है कि दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हो और विश्वास बहाली के कदम उठाए जाएं।
सीएम और गवर्नर के साथ चर्चा करते गृहमंत्री
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाहौर में नवाज शरीफ से मिलकर माहौल बदलने का अच्छा प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्य से पठानकोट हमले के बाद बातचीत की प्रक्रिया बंद हो गई।
कश्मीर हिंसा के बाद सरकार की ओर से देर से उठाए गए कदमों की आलोचना पर कहा कि सरकार ने शुरू से ही स्थिति पर नजर रखी थी। उन्होंने युवाओं तथा समाज के सभी वर्गों से शांति बहाली तथा हालात को सामान्य बनाने के लिए सहयोग करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने अफस्पा पर कहा कि इसे कुछ इलाकों में हटाकर स्थिति की समीक्षा की जानी चाहिए। यदि यह सफल रहा तो समूचे इलाके से इसे हटाया जा सकता है। कहा कि हम यह नहीं कह रहे हैं कि अफस्पा तुरंत तथा सभी जगह से हटाया जाना चाहिए, लेकिन इसे प्रयोग के तौर पर शुरू किया जाना चाहिए।
उन्होंने हालात को सामान्य बनाने में डाक्टरों तथा अन्य लोगों के प्रयास की सराहना की। कहा कि उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद ने भाजपा के साथ गठबंधन करने में दो महीने का समय लिया। एजेंडा आफ एलायंस तय किया गया ताकि रियासत को अनिश्चितता के दौर से निकाला जा सके। यह केवल पैसे और पैकेज से नहीं हो सकता। बातचीत, शांति प्रक्रिया तथा लोगों का दिल जीतने जैसे कुछ मुद्दे हैं।