मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हिंसा पर प्रहार करते हुए कहा कि इससे कभी किसी समस्या का हल नहीं होता। हिंसा केवल दर्द ही बढ़ाती है। पिछले ढाई दशक की हिंसा ने कश्मीर के खेल मैदानों को कब्रिस्तानों में तब्दील कर दिया है।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर की समस्याओं को संवाद के जरिये होने वाले हल की जरूरत है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ वर्गों से बावस्ता युवा हिंसा के मार्ग पर चलते हुए कश्मीर समस्या के समाधान की राह में परेशानियां खड़ी कर रहे हैं। महबूबा एसआरओ-43 के तहत नियुक्ति पत्र वितरित करने के लिए आयोजित समारोह को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर ने पिछले 26 वर्ष लगातार तबाही के मंजर देखे हैं। सभी का मकसद हिंसा के चक्र से रियासत को बाहर निकालना होना चाहिए था, लेकिन इतने लंबे अरसे में कुछ भी नहीं बदल पाया। अमन और संवाद से समस्या हल करने के बजाय हिंसा से कश्मीर की त्रासदियां बढ़ाई गईं। खुशियाें से आबाद रहने वाले घरों में विलाप और सदमे का आलम है।