पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मुझसे कहा गया था कि अलगाववादियों, मौलवियों पर क्रेकडाउन किया जाए, लेकिन आप किसी को भी उसकी विचारधारा अलग होने के आधार पर जेल में नहीं डाल सकते। डेमोक्रेेसी में यह बैटल आफ आइडियाज है। यह जो चल रहा है भाजपा का प्रतिशोध है।
वह यहां पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि अगर यह चुनाव को लेकर है तो यह जल्द थमने वाला नहीं है। क्योंकि यह भाजपा को सूट करता है। महबूबा ने कहा कि जो सुरक्षा वापस ली गई है उसमें खाली अलगाववादी और पीडीपी के लोग हैं। पीडीपी यूथ के प्रेसिडेंट वहीद-उर-रहमान पररा समेत कई अन्य लोग हैं जो यह दर्शाता है कि यह भाजपा का प्रतिशोध है।
उनके मन में एक डर सा है कि पीडीपी पता नहीं क्या करेगी। इसलिए हमारे लोगों की सुरक्षा ली गई। यही चीज मुफ्ती साहब ने रोकी थी, लेकिन हम यह चीज लोगों को समझाने में नाकाम रहे। मुफ्ती साहब ने भाजपा के साथ हाथ मिलाकर उनका हाथ रोक दिया था। यह सब कुछ जो हो रहा है उसे रोकने के लिए। सरकारी ऑर्डर को लेकर उन्होंने कहा कि इससे लोगों की परेशानियां और बढ़ रही हैं।
एक सवाल के जवाब में महबूबा ने कहा कि हम सबको मिलकर निपटना होगा, उसके लिए हम कमरबंद हैं। चाहे हमें सड़कों पर क्यों न उतरना पड़े। उन्होंने कहा कि हमारे लिए इस समय प्राथमिकता अपनी पहचान बचाना है, नकि चुनाव। बता दें कि महबूबा मुफ्ती ने उच्च न्यायालय का शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने कश्मीर के छात्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए।