पीडीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा भारत से पुलवामा आतंकी हमले का सबूत मांगे जाने पर अपनी असहमति जताई है। बुधवार को उन्होंने एएनआई को दिए अपने बयान में कहा कि वह इमरान खान की बातों से सहमत नहीं हैं। पाकिस्तान को पठानकोट और मुम्बई आतंकी हमलों का डोजियर दिया गया था लेकिन उसने अपराधियों को दंडित करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
महबूबा ने कहा कि जो लोग युद्ध की बार करते हैं वह अनपढ़ हैं। दोनों देशों के पास न्यूक्लियर पॉवर है। ऐसे में ‘टाइम टू वॉक द टॉक’ करना चाहिए। लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को एक मौका मिलना चाहिए क्योंकि उन्होंने हाल ही में पद संभाला है। हालांकि चुनावों की तुलना में युद्ध संबंधी बयानबाजी अधिक हो रही है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पुलवामा हमले को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ भारत के आरोपों पर सवाल उठाया और कहा कि उनका देश स्थिरता चाहता है ना कि आतंकवाद । इमरान ने कहा कि अगर पुलवामा हमले पर भारत के पास सबूत हैं या खुफिया जानकारी है तो मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि हम कार्रवाई करेंगे।
गीदड़ भभकी देते हुए पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि अगर भारत पाकिस्तान पर हमला करने के बारे में सोच रहा है तो हम निश्चित रूप से इसका जवाब देंगे। कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा। पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए की जा रही मांग पर खान ने कहा कि जंग शुरू करना आसान है लेकिन इसे खत्म करना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि, जब पाकिस्तान स्टेबिलिटी की तरफ जा रहा है तो हम ये क्यों करेंगे? इससे हमें फायदा क्या है? बिना सबूत पाकिस्तान पर इल्जाम लगाया जा रहा है? पाकिस्तान को पुलवामा हमले से क्या फायदा मिलेगा? हम जांच के लिए तैयार हैं।