पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के पास मतदान ही एकमात्र शक्ति बची है। मुफ्ती ने आरोप लगाया किया कि भाजपा शासित केंद्र प्रदेश के लोगों की आवाज को दबाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा, 'हर तरह के अन्याय हो रहे हैं और जम्मू-कश्मीर को जेल में बदल दिया गया है। यहां के लोगों की आवाज को दबाने के लिए पीडीपी को तोड़ दिया। उन्होंने (भाजपा) पीडीपी से विधायकों, मंत्रियों और संसद सदस्यों को छीन लिया ताकि वे ऐसा कर सकें। अब कश्मीर के लोगों के पास सिर्फ उनके वोट की ताकत है। इससे जवाब देना होगा।'
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण के बाद जम्मू-कश्मीर में कई दलों का गठन किया गया ताकि केंद्र अपने पसंदीदा नेताओं को संसद में भेज सके। यह देश के लोगों को सोचने का विषय है कि यहां के लोगों को वोट की ताकत पर विश्वास करने में काफी समय लगा। प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लाल किले से घोषणा करनी पड़ी कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे।