पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि कश्मीर मामले का हल हिंसा और रक्तपात की बजाए करतारपुर जैसी पहल के जरिये होनी चाहिए। इसके लिए बेहद ईमानदार पहल की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुंबई में 26/11 (2008) के दस साल पूरे होने के दिन करतारपुर के शिलान्यास का गवाह बनना काफी मायने रखता है।
बता दें कि उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने करतारपुर साहिब गलियारे की भारतीय सरजमीं पर आधारशिला रखी। इसके निर्माण से सिख श्रद्धालुओं के पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने में सुविधा होगी। महबूबा मुफ्ती ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान का फैसला सराहनीय है और हमारे नेतृत्व ने भी वही गरिमा और राजनीतिक गंभीरता दिखाई है।
वह तब हुआ, जब देश के कुछ राज्यों में चुनाव होने हैं। यह फैसला बताता है कि दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों के लिए भी भारत सरकार गंभीर है। वहीं, महबूबा ने कश्मीर में ताजा हिंसक घटनाओं की भी निंदा की और युवाओं से भी हिंसा बंद करने की अपील की।