पीडीपी प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि उनकी पार्टी राज्य के विशेष दर्जे से संबंधित अनुच्छेद 35-ए जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है, को बचाने के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार है। पार्टी इसे बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गांदरबल जिले के कंगन में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से उन्होंने कहा कि उनकी जब सरकार थी तो उन्होंने देश के टाप वकीलों को अनुच्छेद 35-ए को बचाने के लिए लगाया था। भविष्य में भी जो कुछ संभव होगा वह स्वयं व उनकी पार्टी करेगी। उन्होंने कहा कि रियासत में शांति के लिए भारत को पाकिस्तान के दोस्ती के आफर का सकारात्मक जवाब देना चाहिए। मुफ्ती साहब हमेशा कहते थे कि वे मुख्यमंत्री बनने के इच्छुक नहीं हैं, बल्कि यहां की जनता को मौजूदा परिस्थितियों से बाहर निकलना होगा।
इसके लिए वाजपेयी जी के कार्यकाल में सबसे पहले प्रयास हुए। फिर मोदी जी के कार्यकाल में भाजपा के साथ गठबंधन किया गया। कोशिश की गई कि पाकिस्तान के साथ रिश्ते अच्छे हों। रियासत में भी बातचीत का सिलसिला शुरू हो। उन्होंने कहा कि दिल्ली को भी चाहिए कि वाजपेयी के फार्मूले पर चलकर पाकिस्तान के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाए। साथ ही यहां भी बातचीत का सिलसिला शुरू हो ताकि कश्मीरियों के जख्म पर लग सके।