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महबूबा मुफ्ती बोलीं: सुरक्षा के नाम पर सात महीने से बंद सात डीडीसी सदस्यों ने की इस्तीफे की पेशकश

Sat, 22 May 2021 09:51 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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डीडीसी सदस्य, महबूबा मुफ्ती - फोटो : सोशल मीडिया
पीडीपी की अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को दावा किया कि मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में डीडीसी सदस्यों के एक समूह ने सरकार की उदासीनता का हवाला देते हुए इस्तीफे की पेशकश की है। साथ ही कहा कि पिछले साल चुनाव के बाद से सुरक्षा के नाम पर उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ रखा जा रहा है। वहीं एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि डीडीसी सदस्यों को जान का खतरा है इसलिए उन्हें सुरक्षित जगहों पर रखा गया है। वह कहीं भी जा सकते हैं लेकिन उसके लिए उन्हें पहले से पुलिस को सूचित करना होगा।
 
महबूबा ने ट्विटर पर डीडीसी सदस्यों के समूह का एक वीडियो पोस्ट किया। वीडियो को कथित तौर पर पिछले हफ्ते ईद के दिन शूट किया गया था। महबूबा ने ट्वीट में लिखा कि डीडीसी सदस्यों को सुरक्षा के नाम पर सात महीने से बडगाम में हिरासत में रखना उनके चुनाव के उद्देश्य को विफल बनाता है। उनकी इच्छा के विरुद्ध प्रशासन ने उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करने से भी रोका। वे इतने तंग आ चुके हैं कि उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की है।
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डीडीसी सदस्य - फोटो : सोशल मीडिया
महबूबा ने उप-राज्यपाल ऑफिस को भी इस ट्वीट में टैग किया है। महबूबा ने 2 मिनट 14 सेकेंड का वीडियो भी ट्वीट किया है जिसमें डीडीसी सदस्य अपनी आपबीती सुना रहे हैं।

 
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डीडीसी सदस्य - फोटो : सोशल मीडिया
वीडियो में एक डीडीसी सदस्य ने कहा कि यह अफसोस की बात है कि पिछले सात महीने से हम कैद में जिंदगी बसर कर रहे हैं। हम अपने परिवार से दूर हो गए हैं और उनके बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। सरकार ने आज तक कोई वेतन नहीं दिया। अभी तक सरकार ने यह नहीं सोचा कि उनके परिवार वालों की कैसे जिंदगी बसर हो रही होगी। अगर सरकार के पास हमारे लिए कोई प्लान नहीं है तो फिर वह हमारा इस्तीफा कबूल करे। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सुरक्षा की जरूरत नहीं है अगर कोई सदस्य अंडरटेकिंग देकर अपने परिवार के साथ रहना चाहता है तो उसे जाने देना चाहिए।

 

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डीडीसी सदस्य - फोटो : सोशल मीडिया
वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाने की जरूरत है। अगर वह किसी आपदा या किसी अन्य घटना के दौरान अपने लोगों के काम न आ सकें तो उनका डीडीसी होना किसी काम का नहीं है।
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डीडीसी सदस्य - फोटो : सोशल मीडिया
एक अन्य सदस्य ने यह भी कहा कि आज ईद पर कैदियों को भी परिवार वालों से मिलने दिया जाता है, लेकिन हमें बिल्कुल भी अनुमति नहीं दी गई।
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