मंहत योगी आदित्यनाथ की कट्टर हिन्दूवादी छवि के चलते जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शपथ ग्रहण समारोह से किनारा कर लिया।
भाजपा के निमंत्रण पर महबूबा ने समारोह में शिरकत के लिए लखनऊ जाने की तैयारी कर ली थी लेकिन रवाना होने से ऐन पहले फैसला बदल दिया। श्रीनगर और अनंतनाग के लोकसभा उपचुनाव में विपक्ष के हमले से बचने के लिए महबूबा ने लखनऊ नहीं जाने का फैसला अंतिम क्षणों में लिया।
कश्मीर घाटी में लोकसभा की दो सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव में नेशनल कांफ्रेंस ने महबूबा पर आरएसएस के एजेंट के रूप में काम करने को मुद्दा बनाया है। योगी के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत को विपक्ष चुनावी मुद्दा बना सकता था।
उत्तर प्रदेश में शानदार जीत के बाद भाजपा ने योगी के शपथ ग्रहण समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए सहयोगी दलों के मुख्यमंत्रियों को भी शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया था। केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडु ने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के समारोह में शामिल होने के बारे में एक दिन पहले एलान भी किया।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक कार्यक्रम में शिरकत करने मुबंई गईं थीं। भाजपा के निमंत्रण के बाद वे शनिवार की शाम मुंबई से दिल्ली पहुंच गईं। लेकिन विपक्ष के सियासी हमले की आशंका के मद्देनजर एन वक्त पर फैसला बदल श्रीनगर का रूख कर लिया। मुख्यमंत्री रविवार को दिन के ढाई बजे लखनऊ के बजाए श्रीनगर पहुंच गईं।