जिन घरों के चिराग बुझे हैं वे सबसे गरीब तबके से हैं। इन गरीब परिवारों के युवाओं की मौत को महिमामंडित किया जाता है, ताकि उनकी कब्र पर सियासत की जा सके। लेकिन, ऐसे लोग पीड़ित परिवारों के दर्द का जरा भी ख्याल नहीं करते।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने यह बातें एलओसी से सटे कुपवाड़ा जिले के दौरे में कहीं। कश्मीर हिंसा के पीड़ित परिवारों का दर्द बांटने पहुंचीं महबूबा ने कहा कि सबसे गरीब घरों ने अपने चिराग खोए हैं। यह देखकर उन्हें दर्द महसूस होता है।
महबूबा ने पीड़ित परिवारों की महिलाओं को गले लगाया और सरकार की ओर से हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया। महबूबा ने युवाओं, अभिभावकों और समाज के हर वर्ग से हिंसा से दूर रहने की अपील की।