जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती वीरवार को एक बार फिर आतंकी परिवार से मिलने पहुंचीं। दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले के सफानगरी में वह हिजबुल मुजाहिदीन के मारे गए आतंकी के घर पहुंचीं और परिवार वालों से मिलीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकियों के परिवार वालों के साथ ज्यादती हो रही है। यह बंद होना चाहिए। एक सप्ताह से महबूबा पुराने अंदाज में हैं। सत्ता में आने से पहले महबूबा मुफ्ती दक्षिणी कश्मीर के गांव-गांव जाकर प्रचार करती थीं।
चर्चा है कि सत्ता जाने के बाद अब उन्होंने दोबारा ऐसा शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि दरकती जमीन को बचाने की खातिर ही वह अब लोगों का समर्थन बटोरने में जुटी हैं।
परिवार से मिलने के बाद महबूबा ने पत्रकारों से कहा कि आतंकवाद के साथ लड़ रहे हैं तो आम लोगों व उनके परिवार को तंग नहीं करना चाहिए। पुलिस ऐसा नहीं करना चाहती है। कहीं न कहीं से ऐसे दिशा-निर्देश मिले हैं जिससे वे भाई-बहन व परिवार वालों को परेशान कर रहे हैं।
महबूबा ने कहा कि आतंकियों से लड़ना अलग चीज है। मैं जब मुख्यमंत्री थी तो दिशा-निर्देश दिए थे कि आतंकियों से लड़ते वक्त उनके परिवार वालों को तंग न किया जाए। उम्मीद है कि हमारी पुलिस काफी अनुशासित पुलिस है। राज्यपाल को चाहिए कि उनकी ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं कि घर वालों को तंग न किया जाए।
30 को एक अन्य आतंकी की बहन के घर पहुंची थीं
इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने 30 दिसंबर को हिजबुल के आतंकी हिलाल अहमद भट की बहन के पुलवामा जिले के लतीपोरा स्थित घर पहुंचकर कुशलक्षेम पूछा। उन्होंने आरोप लगाया था कि जम्मू में आतंकी की बहन व उसके पति के साथ थाने में बदसलूकी की गई और चेताया था कि दोबारा इस प्रकार की घटना हुई तो नतीजे बुरे होंगे।
राज्यपाल के लिए कहा था कि यदि आपका हमलावरों के साथ झगड़ा है तो उनके साथ झगड़ा कीजिए, लेकिन उनके रिश्तेदारों और उसकी बहनों के साथ ऐसा नहीं चलेगा। इस आरोप के बाद राज्यपाल की ओर से बयान दिया गया था कि किसी को प्रताड़ित नहीं किया गया।
महबूबा का नाम लिए बगैर कहा कि राजनीतिक पार्टियों को इस तरह के झूठे आरोप नहीं लगाने चाहिए। अगर राजनीतिक पार्टियों की तरफ से इस तरह के झूठे आरोप लगाए जाएंगे, तो पुलिस का हौसला टूटेगा।
उमर ने कसा तंज
पूर्व मुख्यमंत्री और नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने तंज कसते हुए कहा है कि बुरी तरीके से खराब हो चुकी छवि को अब वह साफ करने की कोशिश कर रही हैं। आपरेशन आल आउट की वह आर्किटेक्ट रही हैं। इसके चलते 2015 से अब तक सैकडों आतंकी मारे जा चुके हैं।