जम्मू कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद शनिवार को पहली बार महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। श्रीनगर के एसकेआईसीसी में आयोजित इस बैठक में डिवीजनल कमिश्नर कश्मीर डा. असगर सामून, पुलिस महानिदेशक के. राजिंद्रा के अलावा कश्मीर के सभी जिलों के जिला आयुक्त और एसएसपी मौजूद रहे।
अन्य कई संबंधित अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक के दौरान प्रशासनिक मुद्दों के अलावा कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया गया। बैठक के दौरान महबूबा मुफ्ती ने सभी जिला आयुक्तों को निर्देश दिए कि वह हर सप्ताह मंगलवार और गुरुवार को 3 घंटे लोगों के लिए बचाएं और उनसे मुलाकात कर उनकी सुनवाई करें।
इन दो दिनों में उनके वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कोई बैठक नहीं बुलाई जाएगी और यह कदम केवल लोगों और सरकार के बीच दूरियों को दूर करने के उद्देश्य से उठाया गया है। बैठक के दौरान महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह तीन महत्वपूर्ण बातें पर हमेशा से जोर देती आई हैं, जो बदलाव के लिए चाबी है और वो हैं सुशासन, पारदर्शिता और जवाब देही। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अपने इलाकों में हो रही चीजों के लिए संबंधित जिला आयुक्त और एसएसपी जिम्मेदार होंगे।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में शामिल होने से पहले उनका स्वागत आला अधिकारियों द्वारा गुलदस्ते से किया गया लेकिन उन्होंने यह कहते हुए इंकार कर दिया कि उन्हें यह प्रोटोकाल पसंद नहीं। इसके अलावा बैठक संपन्न होने के बाद वह मीडिया से भी बचती दिखी जो काफी समय तक एसकेआईसीसी के बाहर उनका इंतजार कर रहा था।