घाटी में लगातार बढ़ती आतंकी तथा घुसपैठ के प्रयास की घटनाओं के बीच सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने मंगलवार को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मुलाकात कर सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा की। दोनों ने आतंरिक और बाह्य सुरक्षा प्रबंधन तथा इस क्षेत्र में सामान्य और राजनीतिक स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की। खासकर अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा इंतजामों और सेना की तैयारी पर प्रकाश डाला। अनंतनाग उपचुनाव के लिए सुरक्षा तैयारियों पर भी चर्चा की।
इस दौरान सेना प्रमुख ने समग्र सुरक्षा परिदृश्य तथा जनता की भागीदारी के माध्यम से राज्य में शांति बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। ज्ञात हो कि इससे पहले उन्होंने सोमवार को नई दिल्ली में राज्यपाल एनएन वोहरा से मिलकर राज्य की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की थी।
मुख्यमंत्री ने सेना से सरकार के विश्वास बहाली के उपायों को आगे ले जाने में मदद करने का आग्रह किया। इसके तहत सुरक्षा के मोर्चे के साथ ही बार्डर टूरिज्म के विकास के प्रति भी सहयोग करने को कहा। सीमाओं पर अधिक निगरानी बनाए रखने के साथ ही घुसपैठ को रोकने की जरूरत पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना इसे प्रभावी ढंग से करने में सक्षम है।
उन्होंने राज्य में नागरिक इलाकों और पर्यटक स्थलों से सैनिकों की मौजूदगी कम करने पर बल दिया। कहा कि सैनिकों को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान असैन्य संपत्तियों को कम से कम क्षति पहुंचना सुनिश्चित करना चाहिए ताकि किसी भी नागरिक को नुकसान न पहुंचे। हालांकि, सेना सीमाओं पर स्थिति से निबटने के लिए पर्याप्त सक्षम है। आंतरिक सुरक्षा के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कंधों पर अधिक से अधिक जिम्मेदारी डाली जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत सद्भावना कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य के दूरदराज तथा सीमावर्ती इलाकों में खेल तथा कौशल विकास जैसी गतिविधियों में स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक शामिल किया जाना चाहिए।
जनरल सुहाग के साथ जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा, जीओसी 15वीं कोर लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ भी थे। इसके साथ ही मुख्य सचिव बीआर शर्मा, प्रमुख सचिव गृह आरके गोयल, डीजीपी के राजेंद्रा तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव नवीन चौधरी भी मौजूद थे।