जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र से घाटी के अवाम समेत सभी पक्षों से बातचीत करने की गुजारिश की है। दिल्ली में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से करीब दो घंटे की मुलाकात के बाद महबूबा ने कहा कि कश्मीर में बातचीत के जरिए ही शांति बहाली की जा सकती है।
हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी की मौत के चलते उपजे ताजा हिंसा के दौर के बाद महबूबा पहली बार दिल्ली आईं। महबूबा ने कहा कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत की गंभीर प्रक्रिया शुरू होती है तो जम्मू-कश्मीर दोनों देशों के संबंधों में पुल का काम कर सकता है।
महबूबा और राजनाथ सिंह की मुलाकात में रक्षा मंत्री मनोहर परिकर और पीएमओ के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी शिरकत की। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक कश्मीर के हालात के मद्देनजर यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। बैठक में सैन्य कार्रवाई के साथ लोगों तक सीधे पहुंचने का शुरुआती खाका तैयार किया गया।
बाद में महबूबा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ताजा हिंसक घटनाओं में 50 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए हैं। केंद्र सरकार को अवाम के जख्मों पर मरहम लगाने की जरूरत है। वे सभी अपने बच्चे हैं। महबूबा ने कश्मीर और भारत-पाक संबंधों पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उठाए गए कदमों को याद किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को वाजपेयी के उठाए गए कदमों को आगे बढ़ाना चाहिए।