हिजबुल कमांडर बुरहान के भाई खालिद के आश्रितों को सरकार द्वारा मुआवजा देने की प्रक्रिया का विपक्षी दलों ने विरोध किया है।
पुलवामा जिला डिस्ट्रिक्ट लेवल स्क्रीनिंग कम कंसलटेटिव कमेटी ने खालिद सहित 17 नामों की सूची जारी की है, जिनकी मौत आतंक रोधी गतिविधियों के दौरान हुई है।
भाजपा, कांग्रेस, जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी सहित अन्य दलों ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि सरकार की ऐसी नीतियों से आतंकवाद को बढ़ावा मिलेगा। सेना का मनोबल गिराने की कोशिशें की जा रही हैं।
भाजपा के विधायक रविंद्र रैना ने कहा कि आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों को किसी तरह का मुआवजा नहीं दिया जाना चाहिए। वह देश विरोधी काम कर रहे हैं। उनकी पार्टी में रहना प्राथमिकता नहीं है, बल्कि उनके लिए देश की अखंडता पहले है। भाजपा ऐसे मुआवजे का विरोध करती है। अलगाववादियों और आतंकवादियों को किसी तरह की कोई आर्थिक मदद नहीं दी जानी चाहिए।