मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने वीरवार को एक बार फिर अलगाववादियों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हिंसा से न अतीत में कुछ हासिल हुआ है और न ही भविष्य में कुछ हासिल होगा। पांपोर हमले के संबंध में उन्होंने कहा कि रमजान के महीने में हत्याएं करने वाले इस पवित्र महीने का अनादर कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक महान लोकतंत्र है और जितनी आजादी अपने मन की करने की यहां है इतनी किसी अन्य लोकतांत्रिक देश में भी नहीं। वीरवार को विधानसभा में बजट सत्र के आखिरी दिन महबूबा ने एक बार फिर दोहराया कि रियासत में शांति और खुशहाली के लिए पाकिस्तान के साथ सार्थक वार्ता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि दोनों परमाणु संपन्न राष्ट्र हैं। ऐसे में युद्ध मसले का हल नहीं हो सकता। दोनों देशों को मिल बैठकर मतभेद सुलझाने होंगे। कहा कि गठबंधन सरकार के एजेंडा आफ अलायंस में भारत-पाक वार्ता का विंदु शामिल है। उन्होंने कहा कि वह रियासत के लोगों को खून खराबे से बाहर निकालना चाहती हैं।
उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भारत में संसदीय प्रणाली की सराहना की थी और कहा था कि तमाम चुनौैतियों के बावजूद भारत लोकतांत्रिक परंपराओं के कारण फल फूल रहा है।।